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त्रिपुरा DGP ऑफिस में मृत मिले, सुसाइड की आशंका:1994 बैच के IPS, UP के रहने वाले थे; 1984 के सिख विरोधी दंगों की जांच की थी

Admin/July 20, 2026/3 min read/5 views
त्रिपुरा DGP ऑफिस में मृत मिले, सुसाइड की आशंका:1994 बैच के IPS, UP के रहने वाले थे; 1984 के सिख विरोधी दंगों की जांच की थी
यूपी के रहने वाले त्रिपुरा के डीजीपी अनुराग धनखड़ का शव मिला है। सोमवार सुबह वह पुलिस मुख्यालय में अचेत मिले। अधिकारियों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक, अनुराग धनखड़ ने सुसाइड किया है। उनका शव फिलहाल अगरतला के गोविंद बल्लभ पंत अस्पताल में रखा गया है। पुलिस और फॉरेंसिक टीम घटनास्थल पर जांच कर रही हैं। अनुराग धनखड़ 1994 बैच के IPS अफसर थे और बागपत के रहने वाले थे। इन्होंने 1984 के सिख विरोधी दंगों की जांच की थी। पिता के निधन पर बागपत आए थे अनुराग धनखड़ अनुराग धनखड़ बागपत शहर से करीब 7 किलोमीटर दूर बिहारीपुर गांव के रहने वाले थे। वह करीब 1 साल पहले पिता सतपाल धनखड़ के निधन पर आखिरी बार गांव आए थे। अभी भी गांव में उनका पैतृक मकान है, लेकिन यहां कोई रहता नहीं है। घर पर ताला लगा है। उनकी जमीन ईंट भट्ठे के लिए लीज पर दी गई है। गांववालों ने बताया कि उनके परिवार का कोई सदस्य अब यहां नहीं रहता। अनुराग धनखड़ के भाई राजकुमार धनखड़ ने बताया कि उनका परिवार करीब 5 साल पहले गांव से बड़ौत में जाकर बस गया था। चाचा सतपाल धनखड़ लगातार 2 बार ग्राम प्रधान निर्वाचित हुए थे। हमारे बाबा हीरा सिंह धनखड़ सुपरिटेंडेंट जेलर थे। परिवार के ही एक अन्य सदस्य जय सिंह भी जेलर रहे हैं। चाची (अनुराग की मां) रगबीरी बड़ौत में रहती हैं। बेटे के निधन की सूचना मिलते ही उनकी तबीयत बिगड़ गई। अनुराग के निधन की खबर मिलते ही उनके परिवारवाले त्रिपुरा रवाना हो गए। गांव के प्राइमरी स्कूल में पढ़े थे अनुराग डीजीपी अनुराग धनखड़ के परिवार में पत्नी कल्पना और एक बेटा अभिषेक है। अभिषेक कनाडा में रहते हैं। वहीं, अनुराग के 2 भाई हैं। बड़े भाई विवेक धनखड़ भारतीय वायुसेना से रिटायर हैं और दिल्ली में रहते हैं। छोटे भाई रविराज धनखड़ बड़ौत में खिलौने की दुकान करते हैं। अनुराग धनखड़ का जन्म और बचपन बिहारीपुर गांव में ही बीता। उन्होंने गांव के प्राइमरी स्कूल से कक्षा- 5 तक पढ़ाई की। इसके बाद सरूरपुर खेड़की के इंटर कॉलेज से 12वी की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद बड़ौत के जनता वैदिक महाविद्यालय से बीएससी (कृषि) किया। डीजीपी अनुराग धनखड़ के मित्र रमेश कुमार ने बताया- हम दोनों 12वीं तक साथ में पढ़े हैं। अनुराग वॉलीबॉल के अच्छे खिलाड़ी थे। ग्रेजुएशन के बाद वह दिल्ली चले गए थे। पहली नौकरी बैंक में की, 1994 में बने IPS अनुराग धनखड़ ने पढ़ाई पूरी करने के बाद साल- 1988 में पहली नौकरी बैंक में फील्ड ऑफिसर के रूप में शुरू की। नौकरी करते हुए उन्होंने सिविल सेवा की तैयारी की। 1994 में उनका आईपीएस के लिए सिलेक्शन हो गया। करीब तीन दशक लंबे पुलिस करियर में अनुराग धनखड़ ने सीबीआई, बीएसएफ, सीआईएसएफ और संयुक्त राष्ट्र के कोसोवो शांति मिशन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। सीबीआई में उन्होंने पुलिस अधीक्षक, डीआईजी, संयुक्त निदेशक और अतिरिक्त निदेशक जैसे अहम पदों पर काम किया। पंजाब नेशनल बैंक के करीब 13 हजार करोड़ रुपए के घोटाले और नीरव मोदी से जुड़े हाई-प्रोफाइल मामलों की जांच का नेतृत्व भी उन्होंने किया। सीआईएसएफ में वह आईजी (पर्सनल) रहे। 1984 के सिख विरोधी दंगों की विशेष जांच टीम (एसआईटी) के अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाली। ------------------------------ ये खबर भी पढ़ें- बांकेबिहारी मंदिर में महिला सिपाही ने श्रद्धालु को पीटा, धक्का लगने पर भड़की, लाइन से खींचकर थप्पड़े जड़े मथुरा के बांके बिहारी मंदिर में महिला सिपाही ने एक श्रद्धालु युवक की जमकर पिटाई कर दी। वजह इतनी थी कि भीड़ बढ़ने पर धक्का-मुक्की हो गई और सिपाही को धक्का लग गया। इस पर महिला सिपाही भड़क गई। गुस्से में उसने दर्शन के लिए लाइन में लगे युवक की टी-शर्ट पकड़कर उसे लाइन से बाहर खींच लिया और ताबड़तोड़ थप्पड़ बरसाने लगी। 25 सेकेंड में उसने युवक को 8 थप्पड़ जड़ दिए। पढ़ें पूरी खबर

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