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धीरेन्द्र शास्त्री बोले- अब बाबर नहीं, रघुवर वाले बैठे हैं:कोलकाता में हनुमंत कथा में कहा- कहते थे बंगाल नहीं आने देंगे, अब यहीं कथा कर रहा

AdminSeptember 5, 2026
धीरेन्द्र शास्त्री बोले- अब बाबर नहीं, रघुवर वाले बैठे हैं:कोलकाता में हनुमंत कथा में कहा- कहते थे बंगाल नहीं आने देंगे, अब यहीं कथा कर रहा
पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में चल रही बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री की हनुमंत कथा में हिंदुत्व, धर्मांतरण, घुसपैठ और राष्ट्रहित को लेकर बयान दिए। 4 से 6 सितंबर तक चल रही कथा के शुभारंभ पर सीएम शुभेंदु अधिकारी भी पहुंचे। मंच से धीरेन्द्र शास्त्री ने कहा, “अब बाबर वाले नहीं, रघुवर वाले बैठे हैं।” उन्होंने कहा कि उनकी लड़ाई किसी धर्म विशेष से नहीं, बल्कि भारत में रहकर पाकिस्तान का गुणगान करने वाले लोगों से है। बंगाल में 11 लाख लोगों से गीता पाठ की बात धीरेन्द्र शास्त्री ने कहा कि पश्चिम बंगाल में पहले एक साथ 5 लाख लोगों ने गीता पाठ किया था। अब भविष्य में इसे बढ़ाकर 11 लाख लोगों तक ले जाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि बंगाल में सनातन संस्कृति और राम नाम की गूंज और मजबूत होनी चाहिए। सीमावर्ती इलाकों में कथा करने की इच्छा बाबा ने कहा कि वे पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती इलाकों में भी हनुमंत कथा करना चाहते हैं। उन्होंने धर्मांतरण का जिक्र करते हुए कहा कि समाज में केवल सत्ता परिवर्तन नहीं, बल्कि वैचारिक और धार्मिक बदलाव की भी जरूरत है। उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्रों से होने वाली घुसपैठ को लेकर भी देश की सुरक्षा और राष्ट्रहित से समझौता नहीं करने की बात कही। बोले- लड़ाई किसी धर्म विशेष से नहीं धीरेन्द्र शास्त्री ने कहा कि उनकी लड़ाई किसी धर्म विशेष से नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत में रहकर देश विरोधी विचार रखने वाले लोगों के खिलाफ आवाज उठाने की जरूरत है। उन्होंने बंगाल के हिंदुओं से जागरूक और संगठित रहने की अपील की। उन्होंने भगवान राम और माता काली के सम्मान के लिए समाज को सजग रहने की बात कही। धर्मांतरण के मामलों पर सरकार से कार्रवाई की अपील धीरेन्द्र शास्त्री ने मुख्यमंत्री से धर्मांतरण के मामलों पर ध्यान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि जो लोग अपनी मूल संस्कृति में वापस आना चाहते हैं, उनके लिए घर वापसी का रास्ता आसान होना चाहिए। बोले- कहा था बंगाल नहीं आने देंगे, अब यहीं कथा कर रहा हूं कथा के अंत में धीरेन्द्र शास्त्री ने कहा कि पहले कुछ लोगों ने दावा किया था कि उन्हें पश्चिम बंगाल में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। इसके बावजूद अब वे कोलकाता में हनुमंत कथा कर रहे हैं और बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा सुनने पहुंच रहे हैं। कोलकाता में 6 सितंबर तक चल रही कथा धार्मिक आयोजन के साथ उनके सामाजिक और राजनीतिक बयानों को लेकर भी चर्चा में है।

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