जच्चा-बच्चा मौत केस; तीसरे दिन भी पिता का आमरण अनशन:डिप्टी CM के सामने फूट-फूटकर रोए पिता, बोले- जिम्मेदारों पर FIR और निष्पक्ष जांच चाहिए
AdminSeptember 4, 2026
रीवा में जच्चा-बच्चा मौत केस में न्याय की मांग को लेकर कल्पना मिश्रा के पिता रामशिरोमणि मिश्रा का आमरण अनशन शुक्रवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। इसी बीच डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल धरना स्थल पहुंचे। उन्होंने रामशिरोमणि मिश्रा से मुलाकात कर पूरे मामले की जानकारी ली और उनकी बात सुनी। डिप्टी सीएम के सामने बेटी और नवजात की मौत का दर्द बयां करते हुए रामशिरोमणि मिश्रा भावुक हो गए और फूट-फूटकर रोने लगे। उन्होंने अस्पताल में इलाज के दौरान हुई घटनाओं की जानकारी डिप्टी सीएम को दी और जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। रामशिरोमणि मिश्रा का कहना है कि उनकी बेटी कल्पना और नवजात की मौत के मामले में अभी तक उन्हें न्याय नहीं मिला है। उनकी मांग है कि जिम्मेदार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष जांच की जाए। अधीक्षक डॉ. राहुल मिश्रा भी पद से हटाए गए
मामले में अस्पताल प्रशासन पर भी कार्रवाई हुई है। संजय गांधी स्मृति चिकित्सालय के अधीक्षक डॉ. राहुल मिश्रा को उनके पद से हटा दिया गया है। अस्पताल की अधीक्षकीय जिम्मेदारी डॉ. प्रियंक शर्मा को सौंपी गई है। कल्पना की मौत के बाद परिजनों और अस्पताल अधीक्षक के बीच बातचीत का एक वीडियो सामने आया था। इसके बाद मामले ने तूल पकड़ा और अधीक्षक को पद से हटाने की कार्रवाई की गई। डॉ. राहुल मिश्रा ने बाद में अपनी टिप्पणी पर सफाई देते हुए माफी भी मांगी थी। दो डॉक्टर और दो स्टाफ नर्स निलंबित
कल्पना मिश्रा और उसके नवजात की मौत के मामले में दो डॉक्टरों और दो स्टाफ नर्स पर भी निलंबन की कार्रवाई की जा चुकी है। मामले की जांच के लिए समिति गठित की गई है। जिन डॉक्टरों पर कार्रवाई हुई है, उनमें डॉ. सोनल अग्रवाल और डॉ. निधि पांडे शामिल हैं। इसके अलावा दो नर्सिंग अधिकारियों को भी निलंबित किया गया है। कार्रवाई के बाद अब जांच रिपोर्ट का इंतजार है। पिता बोले- औपचारिकता करके चले गए
डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल से मुलाकात के बाद रामशिरोमणि मिश्रा ने कहा कि डिप्टी सीएम ने उनकी पूरी बात सुनी, लेकिन उन्हें कार्रवाई को लेकर कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला। उनका कहना है कि डिप्टी सीएम धरना स्थल पर आए, बातचीत की और औपचारिकता पूरी करके चले गए। रामशिरोमणि मिश्रा की मांग है कि सिर्फ निलंबन और पद से हटाने की कार्रवाई पर्याप्त नहीं है। वह जिम्मेदार लोगों के खिलाफ एफआईआर और निष्पक्ष जांच चाहते हैं। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक आमरण अनशन जारी रहेगा। यह खबर भी पढ़ें…
पोस्टमार्टम में कारण अभी स्पष्ट नहीं
जच्चा-बच्चा की मौत के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट गुरुवार शाम सामने आई है। दोनों की मौत की वजह अभी साफ नहीं हुई है। मां कल्पना मिश्रा की रिपोर्ट में मौत का कारण तय नहीं किया गया है और हिस्टोपैथोलॉजी, जांच व इलाज से जुड़े पूरे रिकॉर्ड मिलने के बाद राय देने की बात कही गई है। नवजात की रिपोर्ट में भी मौत का कारण सुरक्षित रखा गया है। खास बात यह है कि दोनों पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अस्पताल का रिकॉर्ड ‘नॉट प्रोवाइडेड’ दर्ज है। पूरी खबर पढ़िए…
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