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'कॉकरोचों' पर लाठीचार्ज- सुप्रीम कोर्ट का सुनवाई से इनकार:चीफ जस्टिस बोले- वीडियो देखने का वक्त नहीं, हमारा समय बर्बाद न करें

AdminJuly 22, 2026
'कॉकरोचों' पर लाठीचार्ज- सुप्रीम कोर्ट का सुनवाई से इनकार:चीफ जस्टिस बोले- वीडियो देखने का वक्त नहीं, हमारा समय बर्बाद न करें
सुप्रीम कोर्ट ने कॉकरोच जनता पार्टी समर्थकों पर हुए लाठीचार्ज के खिलाफ दायर याचिका पर तुरंत सुनवाई से इनकार कर दिया है। बुधवार को एक वकील ने CJI की अगुआई वाली 3 जजों की बेंच के सामने जनहित याचिका लगाई थी। CJI सूर्यकांत ने कहा, 'हमें वीडियो देखने में कोई रुचि नहीं है। हमारे पास उन्हें देखने का समय नहीं है।' जब वकील ने छात्रों के साथ मारपीट के वीडियो देखने का दूसरी बार अनुरोध किया तो CJI ने कहा, ‘हमारा और अपना समय बर्बाद मत कीजिए।’ बता दें कि 15 मई को एक मामले की सुनवाई के दौरान CJI ने कहा था, 'कुछ बेरोजगार युवा कॉकरोच जैसे होते हैं, जो बाद में मीडिया, सोशल मीडिया या RTI एक्टिविस्ट बनकर सिस्टम पर हमला करने लगते हैं।' इस टिप्पणी के बाद ही अभिजीत दीपके ने इंस्टाग्राम पर कॉकरोच जनता पार्टी नाम से अकाउंट बनाया था। कॉकरोच जनता पार्टी ने 20 जुलाई को संसद मार्च निकाला था। इस दौरान हजारों प्रदर्शनकारी संसद की तरफ बढ़े थे, इन्हें रोकने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया था। इसमें 100 से ज्यादा पुलिसकर्मी और छात्रों को चोटें आई थीं। कोर्ट रूम LIVE दिल्ली हाईकोर्ट का भी तत्काल सुनवाई से इनकार मंगलवार को ऐसा ही एक मामला दिल्ली हाईकोर्ट में भी पहुंचा था। तब दिल्ली हाईकोर्ट ने भी इसी तरह की याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया था। कहा था कि कोर्ट को इसमें न घसीटें। सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने कहा- लाठीचार्ज की जांच हो सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने निर्दोष छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की निंदा की है। एसोसिएशन ने कहा है कि इस कार्रवाई में कई छात्र गंभीर रूप से घायल हुए। इस घटना की तुरंत, निष्पक्ष और समय से जांच होनी चाहिए। जिम्मेदार लोगों की पहचान और उन पर उचित कार्रवाई होनी चाहिए। CJI के बयान से बनी कॉकरोच जनता पार्टी कॉकरोच जनता पार्टी की शुरुआत मई 2026 में CJI सूर्यकांत की एक टिप्पणी के बाद हुई थी। इसे सोशल मीडिया पर बनाया गया। देखते ही देखते लाखों फॉलोअर्स बढ़ गए। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट की एक बेंच 15 जनवरी को वकील संजय दुबे की दिल्ली हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी। याचिकाकर्ता सीनियर वकील का दर्जा पाना चाहता था। जस्टिस बागची ने सवाल किया कि क्या सीनियर एडवोकेट का टैग सिर्फ एक स्टेटस सिंबल है या न्याय व्यवस्था में भागीदारी का एक जरिया। CJI सूर्यकांत ने तब कहा था, कॉकरोच की तरह बहुत से युवा ऐसे हैं, जिन्हें इस पेशे में रोजगार नहीं मिल रहा है। वे सोशल मीडिया और RTI एक्टिविज्म बन रहे हैं। हजारों लोग ऐसे हैं जो काले चोगे पहनकर घूम रहे हैं, लेकिन उनकी डिग्रियों पर गंभीर संदेह है। बेंच ने यह भी कहा था कि दुनिया में हर कोई सीनियर बनने के योग्य हो सकता है, लेकिन याचिकाकर्ता इसके हकदार नहीं हैं। अगर उन्हें दिल्ली हाईकोर्ट ने सीनियर एडवोकेट बना भी दिया, तो सुप्रीम कोर्ट उनके व्यवहार को देखते हुए उस फैसले को रद्द कर देगा। CJI ने सफाई दी थी, कहा था- बयान को गलत तरीके से दिखाया गया CJI ने बाद में सफाई दी थी। कहा था कि मीडिया के एक वर्ग ने मेरी टिप्पणी को गलत तरीके से पेश किया। CJI ने कहा, मेरी टिप्पणी खास तौर पर उन लोगों के लिए थी, जो फर्जी और नकली डिग्रियों के सहारे वकालत जैसे पेशों में आ गए हैं। मीडिया, सोशल मीडिया और दूसरे सम्मानित पेशों में भी ऐसे लोग घुस आए हैं। वे परजीवियों जैसे हैं। ----------------------- ये खबरें भी पढ़ें CJP का प्रदर्शन, दिल्ली के 16 मेट्रो स्टेशन बंद, कॉकरोच पार्टी बोली- सरकार बातचीत को तैयार कॉकरोच जनता पार्टी के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के बीच सरकार ने दूसरी बार बातचीत की पेशकश की है। सीजेपी प्रवक्ता आशुतोष रांका ने इसकी पुष्टि की है। रांका का कहना है कि कोर टीम से चर्चा के बाद इस पर फैसला लिया जाएगा। पूरी खबर पढ़ें कॉकरोच पार्टी समर्थकों की पिटाई पर संसद में हंगामा, अखिलेश बोले- बेटियों के कपड़े फाड़े संसद के मानसून सत्र के दौरान बुधवार को विपक्ष ने कॉकरोच जनता पार्टी के समर्थकों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर हंगामा किया। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने लोकसभा में पूछा कि पुलिस को बेटियों के कपड़े फाड़ने का अधिकार किसने दिया। पूरी खबर पढ़ें

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