आचार्य समय सागर महाराज होंगे MP के राजकीय अतिथि:CM ने भोपाल में की घोषणा, विधानसभा आने का भी दिया निमंत्रण
AdminAugust 2, 2026
राजधानी भोपाल में रविवार को आचार्य समय सागर महाराज ससंघ के चातुर्मास कलश स्थापना महोत्सव में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बड़ा ऐलान करते हुए आचार्य समय सागर महाराज को मध्य प्रदेश का राजकीय अतिथि घोषित करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजधानी में गुरुदेव के पुनः पदार्पण पर राज्य सरकार उनकी भावनाओं का सम्मान करते हुए उन्हें राजकीय अतिथि के रूप में स्वीकार करती है। मुख्यमंत्री की इस घोषणा का समारोह में मौजूद श्रद्धालुओं ने जयघोष के साथ स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने आचार्य समय सागर महाराज के पाद प्रक्षालन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान आचार्य श्री ने उन्हें शास्त्र भेंट किए। कार्यक्रम में देश-विदेश से आए हजारों श्रद्धालु मौजूद रहे। ट्रस्ट अध्यक्ष पंकज सुपारी, पूर्व अध्यक्ष मनोज बांगा, प्रमोद जैन और हिमांशु जैन ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। समारोह में मंत्री विश्वास सारंग, विधायक आलोक शर्मा, राहुल कोठारी, रविंद्र यति, राजकुमार पटेल सहित कई जनप्रतिनिधि और समाजजन उपस्थित रहे। 'संतों का सान्निध्य जीवन को देवमार्ग पर ले जाता है' मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपने संबोधन में कहा कि मनुष्य जीवन 84 लाख योनियों के बाद प्राप्त होता है और इसी जीवन से दो मार्ग निकलते हैं—एक देवत्व की ओर और दूसरा कष्टों की ओर। उन्होंने कहा कि यदि संतों का सान्निध्य मिल जाए तो मनुष्य का देवमार्ग निश्चित हो जाता है। उन्होंने आचार्य विद्यासागर महाराज के साथ अपने वर्षों पुराने जुड़ाव को याद करते हुए कहा कि उन्हें कई अवसरों पर उनके दर्शन और मार्गदर्शन का सौभाग्य मिला और अब आचार्य समय सागर महाराज के रूप में वही आध्यात्मिक परंपरा आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की पहचान उसकी आध्यात्मिक विरासत, संत परंपरा और सेवा भाव से है। दुनिया जहां शक्ति और संघर्ष के रास्ते पर चल रही है, वहीं भारत ने हमेशा आत्मसंयम, अहिंसा और करुणा का मार्ग दुनिया के सामने रखा है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि शासक नहीं, बल्कि जनता के सेवक हैं और शासन का प्रत्येक निर्णय समाज के अंतिम व्यक्ति के कल्याण के लिए होना चाहिए। आचार्य श्री ने दिया सेवा और अहिंसा का संदेश आचार्य समय सागर महाराज ने अपने आशीर्वचन में कहा कि अहिंसा केवल जैन धर्म का नहीं, बल्कि विश्व धर्म का आधार है। उन्होंने वर्षायोग की सार्थकता बताते हुए समाज से आह्वान किया कि आचार्य विद्यासागर महाराज की प्रेरणा के अनुरूप अहिंसा, जीव दया, शिक्षा, चिकित्सा और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्रों में सेवा कार्यों को आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने कहा कि धर्म केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्गों के जीवन को बेहतर बनाने का माध्यम भी है। विधानसभा आने का भी दिया निमंत्रण मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में आचार्य समय सागर महाराज से मध्य प्रदेश विधानसभा आने का आग्रह भी किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी विधायक गुरुदेव का मार्गदर्शन प्राप्त करें, जिससे जनप्रतिनिधियों को सेवा, संयम और लोककल्याण के मूल्यों पर चलने की प्रेरणा मिले। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य गरीब, किसान, महिला और युवा के कल्याण के साथ भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों को भी मजबूत करना है। देश-विदेश से पहुंचे श्रद्धालु समाज प्रवक्ता अंशुल जैन ने बताया कि चातुर्मास कलश स्थापना समारोह में अनेक त्यागी-व्रतियों का सम्मान एवं अनुमोदना की गई। आयोजन में देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और आचार्य समय सागर महाराज के आशीर्वचन का लाभ लिया। मुख्यमंत्री द्वारा आचार्य श्री को राजकीय अतिथि घोषित किए जाने की घोषणा को जैन समाज ने ऐतिहासिक बताते हुए उसका स्वागत किया।
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