Admin · 7/19/2026
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National news and India updates.
Admin · 7/19/2026
Admin · 7/19/2026
पटियाला में दिनदहाड़े एक स्कूली छात्रा पर तेजधार सुए से हमला कर दिया गया। हमलावर पीछे से दबे पांव दौड़कर आया और गली में जा रही लड़की की टांगों के बीच सुआ मारकर तुरंत भाग गया। इसके बाद लड़की दर्द में कराहती हुई गली में ही बैठ गई। इस घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें हमलावर युवक को साफ देखा जा सकता है। पुलिस का कहना है कि हमलावर को हिरासत में लिया गया है। उसके परिजन का कहना है कि युवक मानसिक रूप से बीमार है। इधर, लड़की को घायल अवस्था में एक निजी अस्पताल ले जाया गया था। वहां डॉक्टर ने उसकी मरहम पट्टी कर उसे छुट्टी दे दी। लड़की के टांगों के बीच हल्की चोट आई थी। पुलिस के मुताबिक, लड़की ने पेंट पहना था, जिससे सुए से वार का बचाव हो गया। छात्रा पर हमले के 3 PHOTOS… स्कूल जाते समय हुई वारदात पुलिस के मुताबिक, यह घटना पटियाला के बिशन नगर इलाके की है। सामने आए सीसीटीवी के मुताबिक, यह वारदात 17 जुलाई की सुबह करीब 10 बजे हुई। यहां रहने वाली एक लड़की बैग लटकाकर स्कूल जा रही थी। उसने स्कार्फ से अपना चेहरा ढंका हुआ था। जब वह बिशन नगर की गली नंबर-9 से गुजर रही थी, तभी पीछे से एक युवक दौड़ता हुआ और लड़की के पीछे टांगों के बीच सुआ मारकर भाग गया। चोट से घायल लड़की गली में ही चीखकर बैठ गई। इसके बाद वहां से गुजर रहे लोगों ने वारदात की सूचना लड़की के परिजन को दी। परिजन लड़की को फौरन निजी अस्पताल लेकर गए। वहां लड़की का इलाज कराया। हालांकि, चोट ज्यादा गहरी नहीं थी, इसलिए लड़की को मरहम पट्टी के बाद ही छुट्टी दे दी गई। इसके बाद परिजन ने पुलिस को मामले की सूचना दी। सामने आए सीसीटीवी फुटेज में क्या दिख रहा… पुलिस ने युवक को गिरफ्तार कर लिया थाना लाहौरी गेट के इंस्पेक्टर सौरव सभरवाल ने बताया कि लड़की पर हमला करने वाले आरोपी को कल शाम को ही गिरफ्तार कर लिया था। जिसकी पहचान संजय उर्फ मूसा के नाम से हुई, विकास कॉलोनी का रहने वाला है। पूछताछ में सामने आया कि वह मानसिक तौर पर बीमार है और इसका इलाज भी चल रहा है। अब इसका मेडिकल रिकॉर्ड देखा जा रहा है कि यह किस बीमारी की वजह से अपना इलाज करवा रहा रहा है और इसमें कितनी सच्चाई है। इसके बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। लड़की की देवी गढ़ कस्बे के नजदीक के गांव की रहने वाली है। ॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰ यह खबर भी पढ़ें… पटियाला में AAP नेता पर जानलेवा हमला, वीडियो जारी कर लगाए गंभीर आरोप पटियाला जिले के गांव रामगढ़ में आम आदमी पार्टी के नेता और हेल्थ सिस्टम कॉरपोरेशन बोर्ड के सदस्य अंग्रेज सिंह पर कथित तौर पर हमला किया गया है। घटना के बाद उन्हें इलाज के लिए राजिंदरा अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पढ़ें पूरी खबर…
Admin · 7/19/2026
TMC सांसद अभिषेक बनर्जी ने रविवार को आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में पश्चिम बंगाल पुलिस खुद कानून तोड़ने वाली बन गई है। यह बयान उन्होंने दक्षिण 24 परगना के अमतला स्थित अपने ऑफिस को तोड़े जाने के एक दिन बाद दिया। शनिवार को जिला प्रशासन ने इमारत का अगला हिस्सा बुलडोजर से गिरा दिया था। आरोप था कि यह बिना मंजूरी के बना था। हालांकि रविवार को कोलकाता हाईकोर्ट ने इस तोड़-फोड़ पर रोक लगा दी है। साथ ही इसे अगली सुनवाई तक ज्यों का त्यों रखने का आदेश दिया है। इससे पहले इमारत तोड़ने के बाद रात का एक वीडियो अभिषेक ने सोशल मीडिया X पर शेयर किया है।अभिषेक ने आरोप लगाया- बंगाल पुलिस बीजेपी के गुंडों के साथ मिलकर लैपटॉप, प्रिंटर, कागजात, टेबल, कुर्सियां और दूसरे फर्नीचर से भरे बक्से ले जा रही है। यह तोड़-फोड़ नहीं थी बल्कि यह वर्दी में चोरी थी। जिसे कानून का कोई सम्मान किए बिना और हाई कोर्ट में मामला विचाराधीन होने के बावजूद अंजाम दिया गया। अभिषेक के ऑफिस में कार्रवाई की 3 तस्वीरें… अभिषेक बनर्जी का पलटवार, 6 बातें; कहा- ये भाजपा का बुलडोजर मॉडल प्रशासन बोला- दो नोटिस का जवाब नहीं मिला, फिर कार्रवाई प्रशासन के अनुसार, इस ऑफिस के खिलाफ अवैध निर्माण की शिकायतें मिली थीं। इसके बाद 15 जुलाई को संबंधित लोगों को नोटिस जारी कर सुनवाई के लिए बुलाया गया था। अधिकारियों ने बताया कि दो नोटिसों का कोई जवाब नहीं मिलने के बाद प्रशासन ने आगे की कार्रवाई का फैसला लिया। नोटिस के मुताबिक, जिस जमीन पर यह ऑफिस बना है, वह कथित तौर पर 'लीप्स एंड बाउंड्स' नाम की कंपनी के नाम पर खरीदी गई थी। प्रशासन ने जमीन के मालिकाना हक और निर्माण से जुड़े दस्तावेजों पर स्पष्टीकरण मांगा था। फिलहाल मामला कानूनी प्रक्रिया के तहत चल रहा है। अमतला ऑफिस- अभिषेक का पॉवर सेंटर, हार के बाद से बंद… ----------------------------- ये खबर भी पढ़ें… ममता बोलीं- भाजपा चाहती थी मुझे हार्ट अटैक आ जाए: मैं तब तक जिंदा रहूंगी, जब तक उनका अंत न हो जाए ममता बनर्जी ने कहा कि भाजपा चाहती थी मुझे हार्ट अटैक आ जाए, लेकिन मैं तब तक जिंदा रहूंगी जब तक उनका अंत न हो जाए। पश्चिम बंगाल की पूर्व सीएम ममता ने बुधवार को एक वीडियो मैसेज जारी किया। उन्होंने इस मैसेज में तृणमूल में जारी फूट पर भी अपना पक्ष रखा। ममता ने कहा- जो लोग जाना चाहते हैं, वे जा सकते हैं। पूरी खबर पढ़ें…
Admin · 7/19/2026
मानूसन सत्र से एक दिन पहले रविवार को संसद भवन के एनेक्सी बिल्डिंग में सर्वदलीय बैठक हुई। 3 घंटे चली मीटिंग की अध्यक्षता राजनाथ सिंह ने की। मीटिंग में कांग्रेस, सपा, टीएमसी, DMK सहित 40 दलों के नेता शामिल हुए। हालांकि बैठक के बीच विपक्ष ने सांकेतिक वॉकआउट किया। विपक्ष का आरोप है कि सरकार ने TMC के बागी 20 सांसदों के गुट को बैठक में क्यों बुलाया, जबकि स्पीकर ओम बिरला ने उनके गुट को अभी तक मान्यता नहीं दी है। उधर संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने बैठक के बाद कहा कि, मीटिंग में अच्छी चर्चा हुई। सबने अपनी बात रखी। सदन बिना रुकावट चले, यह हम सभी की जिम्मेदारी है। संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होकर 13 अगस्त तक चलेगा। इस दौरान 19 बैठकें होंगी। सोमवार को अमित शाह राज्यसभा में वंदे मातरम से जुड़ा बिल पेश करेंगे। सर्वदलीय बैठक में विपक्ष के सवाल; महुआ बोलीं- बागी सांसदों यहां क्यों NCPI के 20 सांसदों को बैठक में बुलाने पर रिजिजू बोले- सदन सबका एक दिन पहले स्पीकर ने TMC के बागी गुट को अलग बैठने की अनुमति दी ममता बनर्जी का साथ छोड़ने वाले TMC के 20 बागी सांसदों को शनिवार को लोकसभा में अलग बैठने की मंजूरी मिल गई। 15 जून को तृणमूल कांग्रेस के 20 सांसदों ने नेशनलिस्ट सिटीजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) से विलय कर लिया था। हालांकि विपक्ष का कहना है कि इस गुट को स्पीकर ने अभी मान्यता नहीं दी है। उधर लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने उद्धव गुट के 6 बागी सांसदों को मंजूरी दे दी है। 22 जून को उद्धव का साथ छोड़कर 6 सांसद शिंदे गुट में शामिल हो गए थे। ये सांसद भी अब शिंदे गुट के साथ संसद में बैठेंगे। 22 जून: उद्धव के 6 सांसद शिंदे की शिवसेना में शामिल महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे की शिवसेना में 22 जून को फिर बगावत हुई थी। लोकसभा के कुल 9 में से 6 सांसद पार्टी से अलग होकर डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल हो गए थे। लोकसभा में अब शिंदे के सांसदों की संख्या 7 से बढ़कर 13 हो गई है। शिंदे के साथ सभी 6 सांसदों ने मुंबई में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसका ऐलान किया था। डिप्टी सीएम ने कहा, ‘जब 2022 में हमने पार्टी और धनुष-बाण बचाने के लिए विद्रोह किया था, तब 40 विधायक थे और अब हमने छक्का लगाया है।' 8 जून: टीएमसी से अलग हुए 20 सांसदों का एनडीए को समर्थन देने का ऐलान 8 जून को टीएमसी के लोकसभा के 28 सांसदों में से 20 ने एनडीए सरकार को समर्थन देने का फैसला किया था। सांसद और TMC की पूर्व नेता काकोली घोष दस्तीदार ने कहा था कि सांसदों के साइन वाला पत्र लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को भेज दिया था। बागी सांसदों ने नेशनलिस्ट सिटीजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में विलय कर लिया था। NCPI बंगाल में रजिस्टर्ड पार्टी है। त्रिपुरा से चुनावी शुरुआत की थी। 2023 में त्रिपुरा विधानसभा चुनाव में चार उम्मीदवार उतारे थे। चारों हार गए थे। दोनों गुट NDA के साथ, मोदी सरकार का संख्या बल बढ़ा TMC और उद्धव गुट के बागी सांसदों को मंजूरी मिलने से मोदी सरकार को फायदा मिलेगा। मोदी सरकार संसद में दो तिहाई बहुमत के और करीब आ जाएगी, जो संविधान संशोधन विधेयक पास करने के लिए अहम है। सरकार महिला आरक्षण कानून लागू करने और परिसीमन विधेयक के जरिए संसद और राज्य विधानसभाओं की संख्या बढ़ाने वाले संविधान संशोधन विधेयक पास कराने के लिए जरूरी संख्या जुटानी की कोशिश कर रही है। अप्रैल में राज्यसभा के विशेष सत्र में सरकार की यह कोशिशें नाकाम हो गई थीं। इसके बाद से विपक्ष की चार पार्टियों के 37 लोकसभा और राज्यसभा सांसद सत्ता पक्ष में शामिल हो चुके हैं। अप्रैल के मुकाबले दोनों सदनों में सरकार का समर्थन बढ़ा है, लेकिन दो-तिहाई बहुमत से अब भी पीछे है… लोकसभा: दो-तिहाई आंकड़े से 42 वोट पीछे राज्यसभा: दो-तिहाई बहुमत से 11 वोट पीछे --------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… NDA का मिशन 360, अब DMK-NCP-सपा में सेंध की तैयारी:लोकसभा में दो-तिहाई का आंकड़ा पाने अब 41 सांसदों की जरूरत भाजपा के शीर्ष रणनीतिकार सियासी तस्वीर बदलने के लिए ‘मिशन 360’ में जुटे हैं। 17 अप्रैल को महिला आरक्षण व परिसीमन से जुड़े बिल पर लोकसभा में झटका लगने के बाद ही भाजपा ने संसद में दो-तिहाई बहुमत जुटाने की रणनीति तेज कर दी थी। पूरी खबर पढ़ें…
Admin · 7/19/2026
Admin · 7/19/2026
Admin · 7/19/2026
अहमदाबाद के रामोल इलाके में अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए विस्फोट और आग के मामले में पुलिस ने फैक्ट्री चलाने वाले तीन साझेदारों को गिरफ्तार किया है। शनिवार को हुए इस हादसे में नौ लोगों की मौत हुई थी, जबकि छह लोग घायल हुए थे। एजेंसी PTI के मुताबिक, फैक्ट्री का लाइसेंस मार्च में खत्म हो गया था, लेकिन इसके बावजूद वहां अवैध रूप से काम फिर शुरू कर दिया गया था। अहमदाबाद पुलिस आयुक्त अनुपम सिंह गहलौत ने रविवार को बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रमीलाबेन डोडिया, उनके बेटे मेहुल डोडिया और उनके कारोबारी साझेदार सादिक सैयद के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं होने के बाद प्रशासन ने फैक्ट्री बंद करने के आदेश दिए थे। पुलिस समय-समय पर इसकी जांच भी करती रही। हालांकि, आरोपियों ने करीब 20 दिन पहले दाहोद से मजदूर बुलाकर फैक्ट्री को फिर से अवैध रूप से शुरू कर दिया। इस दौरान पुलिसकर्मी हाल में संपन्न हुई रथ यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था में व्यस्त थे। पुलिस अब उस जमीन के मालिक की भूमिका की भी जांच कर रही है, जिसने यह परिसर किराये पर दिया था। इसके अलावा अवैध फैक्ट्री के लिए वित्तीय मदद करने वालों की भी जांच की जा रही है। आज की अन्य बड़ी खबरें… जम्मू-कश्मीर में एक हफ्ते के अंदर दूसरा संदिग्ध पाकिस्तानी ड्रोन बरामद जम्मू-कश्मीर के सांबा जिले में सेना ने एक संदिग्ध पाकिस्तानी ड्रोन बरामद किया है। पिछले एक हफ्ते में इस तरह का दूसरा ड्रोन मिला है। अधिकारियों के अनुसार, टेरिटोरियल आर्मी के जवानों ने शनिवार देर रात पुरमंडल क्षेत्र के सांगर खेतों से इस ड्रोन को बरामद किया। लगातार ड्रोन मिलने की घटनाओं को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने निगरानी बढ़ा दी है और मामले की जांच शुरू कर दी है। ड्रोन को फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है। इससे पहले 14 जुलाई को भी जम्मू क्षेत्र के देवक गांव के पास एक खुले मैदान से एक ड्रोन बरामद किया गया था। आंध्र प्रदेश के विजयनगरम के पास लॉरी-कार की टक्कर, 4 लोगों की मौत, एक घायल आंध्र प्रदेश के विजयनगरम जिले में सत्ताराव जंक्शन के पास एक लॉरी और कार की टक्कर हो गई। हादसे में 4 लोगों की मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। सूचना मिलते ही आनंदपुरम पुलिस मौके पर पहुंची और मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। पुलिस हादसे के कारणों का पता लगाने में जुटी है। गुजरात के गोधरा रेलवे स्टेशन पर उद्घाटन के कुछ घंटे बाद ही लिफ्ट खराब, 6 यात्री फंसे गुजरात के गोधरा रेलवे स्टेशन पर शनिवार को नई लिफ्ट के उद्घाटन के कुछ ही घंटे बाद उसमें तकनीकी खराबी आ गई। इसके चलते 6 यात्री करीब एक घंटे तक लिफ्ट में फंसे रहे। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और लिफ्ट का दरवाजा काटकर सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला। घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।
Admin · 7/19/2026
माउंट एवरेस्ट की बर्फीली चोटियों पर 26,247 फीट ऊंचे 'डेथ जोन' में पिछले 30 सालों से एक पर्वतारोही का शरीर बर्फ में जमा है। पैरों में हरे जूते होने के कारण दुनिया उसे 'ग्रीन बूट्स' के नाम से जानती रही। सालों तक इसे आईटीबीपी के हेड कांस्टेबल शेवांग पाल्जोर का शव माना गया, लेकिन हाल में हुए डीएनए टेस्ट से पुष्टि हुई कि यह लांस नायक दोरजे मोरुप का पार्थिव शरीर है। अब 30 साल इंतजार के बाद इस साल अक्टूबर तक लद्दाख में दोरजे के परिवार को उनका शव सौंपा जाएगा। दोरजे मोरुप, शेवांग पाल्जोर और सूबेदार शेवांग समनला 1996 में तिब्बत के उत्तरी मार्ग से एवरेस्ट फतह करने निकली पहली भारतीय तीन सदस्यीय टीम का हिस्सा थे। 10 मई 1996 को शिखर के पास तीनों भीषण बर्फीले तूफान में फंस गए थे। यह अभियान बाद में '1996 माउंट एवरेस्ट डिजास्टर' के नाम से जाना गया, जिसमें उस सीजन में 12 पर्वतारोहियों की मौत हुई थी। 75 वर्षीय पत्नी बोलीं- उन्हें देखकर ही आखिरी सांस लूंगी भास्कर ने दोरजे के घर पहुंचकर उनकी पत्नी कोनचोक यांगस्किट से मुलाकात की। 75 वर्षीय कोनचोक अब सुन नहीं सकतीं। वह पति की पेंशन पर गुजर-बसर करती हैं। जब से बेटे फुंतसोग दोरजे ने पिता का शव लाने वाले मिशन की सूचना दी, तब से वह रो रही हैं। उन्होंने बेटे को कागज पर लिखकर दिया है कि उनकी आखिरी इच्छा एक बार पति को देखने की है। उन्होंने लिखा, “उन्हें देखकर ही आखिरी सांस लूंगी।” दोरजे के बेटे फुंतसोग भारतीय सेना में हैं। उन्होंने बताया कि आईटीबीपी से उन्हें अब तक मिशन की पूरी जानकारी नहीं मिली है। मां ने पिता के इंतजार में पूरी जिंदगी रो-रोकर बिता दी। अब उनकी आंखों में उम्मीद नजर आ रही है। एवरेस्ट चढ़ने वालों के लिए लैंडमार्क बन गया था ग्रीन बूट्स 1996 में ब्रिटिश पर्वतारोही और फिल्ममेकर मैट डिकिन्सन ने पहली बार बर्फ में फंसे दोरजे मोरुप के शव का वीडियो रिकॉर्ड किया था। बाद में यह फुटेज 'समिट फीवर' डॉक्यूमेंट्री में भी दिखाई गई। पैरों में पहने हरे रंग के जूतों के कारण इस शव को 'ग्रीन बूट्स' नाम दिया गया।। यह शव एवरेस्ट के उत्तरी मार्ग पर एक छोटी गुफा में पड़ा था जो 'ग्रीन बूट्स गुफा' नाम से मशहूर हुआ। शिखर पर जाने वाले लगभग सभी पर्वतारोही इसी रास्ते से होकर गुजरते थे। उनके लिए यह रास्ते की पहचान (लैंडमार्क) बन गया था। 30 साल तक शव क्यों नहीं निकाला जा सका दोरजे का शव जिस जगह है, वह 8 हजार मीटर (करीब 26,247 फीट) से ऊपर का 'डेथ जोन' है। यहां समुद्र तल की तुलना में सिर्फ करीब 33% ऑक्सीजन होती है। इतनी ऊंचाई पर शरीर तेजी से जवाब देने लगता है। कोशिकाएं मरने लगती हैं। यहां हेलिकॉप्टर भी नहीं पहुंच सकते। इसलिए यहां से शव वापस लाना दुनिया के सबसे मुश्किल अभियानों में गिना जाता है। यही वजह है कि एवरेस्ट पर मारे गए 340 से ज्यादा पर्वतारोहियों में से अधिकांश के शव आज भी वहीं पड़े हैं। ------------------------- यह खबर भी पढ़ें… भारत का पहला प्राइवेट ऑर्बिटल रॉकेट लॉन्च कामयाब: स्काईरूट एयरोस्पेस ने खुद बनाकर अंतरिक्ष में भेजा, 2 दोस्तों ने इसरो छोड़कर बनाई थी यह कंपनी हैदराबाद की स्काईरूट एयरोस्पेस ने शनिवार 18 जुलाई को भारत का पहला प्राइवेट ऑर्बिटल रॉकेट विक्रम-1 लॉन्च किया। यह टेस्ट पहले ही प्रयास में कामयाब रहा। विक्रम-1 को स्काईरूट एयरोस्पेस ने तैयार किया और लॉन्चिंग भी खुद ही की। सिर्फ लॉन्चपैड इसरो का था। पूरी खबर पढ़ें…
Admin · 7/19/2026
