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फुटबॉल वर्ल्ड कप:96 साल बाद फाइनल दो स्पेनिश भाषी देशों के बीच, स्पेन-अर्जेंटीना की भाषाएं-कल्चर एक जैसे

फुटबॉल वर्ल्ड कप:96 साल बाद फाइनल दो स्पेनिश भाषी देशों के बीच, स्पेन-अर्जेंटीना की भाषाएं-कल्चर एक जैसे

फुटबॉल वर्ल्ड कप का फाइनल सिर्फ स्पेन और अर्जेंटीना की दो टीमों के बीच नहीं होगा, बल्कि दो ऐसे देशों के बीच भी होगा, जिनके रिश्ते सदियों पुराने हैं। दोनों की भाषा एक है, संस्कृति में कई समानताएं हैं और लाखों परिवार ऐसे हैं जिनकी जड़ें दोनों देशों से जुड़ी हैं। ऐसे में मैच कई लोगों के लिए भावनात्मक परीक्षा बन गया है। सवाल यही है कि दिल की सुनी जाए या जन्मभूमि की। अर्जेंटीना की राजधानी ब्यूनस आयर्स में रहने वाले 75 वर्षीय जुआन मैनुएल पोसादा इसका सबसे बड़ा उदाहरण हैं। उनका जन्म स्पेन में हुआ था, लेकिन 1968 में वे अर्जेंटीना आकर बस गए। वे कहते हैं, ‘मेरा दिल स्पेन के साथ है, लेकिन अगर अर्जेंटीना जीत गया तो भी मुझे दुख नहीं होगा।’ उनके परिवार में भी यही दुविधा है। उनका पोता अर्जेंटीना का समर्थक है और उसने दादा से वादा लिया है कि अगर अर्जेंटीना जीता तो वे उसकी टीम की जर्सी पहनकर जश्न मनाएंगे। 81 वर्षीय मैनुएल फर्नांडीज असेवेडो भी बचपन में स्पेन छोड़कर अर्जेंटीना आ गए थे। उनकी बेटी और पोती यहीं पैदा हुईं। वे कहते हैं कि दोनों देशों से उनका समान लगाव है और वे सिर्फ यही चाहते हैं कि बेहतर टीम जीते। स्पेन और अर्जेंटीना का रिश्ता सिर्फ भाषा तक सीमित नहीं है। 16वीं सदी में स्पेन के ही एक खोजकर्ता पेड्रो डी मेंडोसा ने ब्यूनस आयर्स की स्थापना की थी। बाद में बड़ी संख्या में स्पेनिश नागरिक अर्जेंटीना जाकर बस गए। इसी कारण दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और पारिवारिक संबंध लगातार मजबूत होते गए। साहित्य, संगीत और खानपान के साथ-साथ फुटबॉल ने भी इस रिश्ते को नई पहचान दी। रियल मैड्रिड के लिए अल्फ्रेडो डी स्टेफानो और बार्सिलोना के लिए लियोनेल मेसी जैसे महान खिलाड़ियों ने दोनों देशों को भावनात्मक रूप से और करीब ला दिया। वर्ल्ड कप के इतिहास में स्पेन और अर्जेंटीना की टक्कर सिर्फ एक बार हुई है। 1966 वर्ल्ड कप के ग्रुप चरण में अर्जेंटीना ने स्पेन को हराया था। अब पहली बार दोनों टीमें फाइनल में आमने-सामने हैं। यह वर्ल्ड कप इतिहास का दूसरा ऐसा फाइनल होगा, जिसमें दो स्पेनिश भाषी देश खिताब के लिए भिड़ेंगे। इससे पहले 1930 में उरुग्वे और अर्जेंटीना भिड़े थे। पिछले कुछ दशकों में आर्थिक संकट और सैन्य शासन के बाद हजारों अर्जेंटीनी बेहतर भविष्य के लिए स्पेन जाकर बस गए। स्पेन में अर्जेंटीना में जन्मे करीब 4.5 लाख लोग रह रहे हैं। ऐसे लोगों के लिए यह मुकाबला किसी पारिवारिक उत्सव जैसा है। सोशल मीडिया पर अर्जेंटीना-स्पेन के परिवारों के मजेदार वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिनमें बच्चे किस टीम का समर्थन करेंगे, इसे लेकर घरों में हल्की-फुल्की नोकझोंक दिखाई दे रही है। यही वजह है कि फाइनल सिर्फ चैम्पियन तय नहीं करेगा, बल्कि उन लाखों परिवारों की भावनाओं को भी मैदान पर ले आएगा, जिनके दिल में स्पेन व अर्जेंटीना दोनों के लिए बराबर जगह है।

UAN उमंग एप से एक्टिवेट होगा, फेस ऑथेंटिकेशन भी जरूरी:भारत का पहला प्राइवेट ऑर्बिटल रॉकेट लॉन्च कामयाब, पाकिस्तान में पेट्रोल 5.44, डीजल 31.05 रुपया महंगा

UAN उमंग एप से एक्टिवेट होगा, फेस ऑथेंटिकेशन भी जरूरी:भारत का पहला प्राइवेट ऑर्बिटल रॉकेट लॉन्च कामयाब, पाकिस्तान में पेट्रोल 5.44, डीजल 31.05 रुपया महंगा

कल की बड़ी खबर रिलायंस से जुड़ी रही। EPFO ने अब अपनी आधिकारिक वेबसाइट से यूनिवर्सल अकाउंट नंबर यानी UAN एक्टिवेशन और नया UAN जनरेट करने की सुविधा को बंद कर दिया है। अब इन दोनों सर्विसेज को ‘उमंग’ एप पर शिफ्ट कर दिया गया है। वहीं, पाकिस्तान सरकार ने पेट्रोल के दाम में 5.44 रुपया (पाकिस्तानी रुपया) प्रति लीटर और हाई-स्पीड डीजल में 31.05 रुपया प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है। इस बढ़ोतरी के बाद पाकिस्तान में एक लीटर पेट्रोल की कीमत 316.15 रुपया और हाई-स्पीड डीजल की कीमत 354.35 रुपया लीटर हो गई है। कल की बड़ी खबर से पहले आज की ये सुर्खियां… अब कल की बड़ी खबरें पढ़ें... 1. अब उमंग एप से एक्टिवेट होगा UAN: फेस ऑथेंटिकेशन भी करना होगा, यहां जानें एक्टिवेट करने की पूरी प्रोसेस कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी EPFO ने अपने करोड़ों सब्सक्राइबर्स के लिए एक बड़ा बदलाव किया है। EPFO ने अब अपनी आधिकारिक वेबसाइट से यूनिवर्सल अकाउंट नंबर यानी UAN एक्टिवेशन और नया UAN जनरेट करने की सुविधा को बंद कर दिया है। अब इन दोनों सर्विसेज को ‘उमंग’ एप पर शिफ्ट कर दिया गया है। इसके साथ ही सिक्योरिटी को मजबूत करने के लिए आधार-आधारित फेस ऑथेंटिकेशन को जरूरी कर दिया गया है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 2. पाकिस्तान में पेट्रोल 5.44 और डीजल 31.05 रुपया महंगा: पेट्रोल 316.15 और हाई-स्पीड डीजल 354.35 रुपया लीटर मिल रहा, नई कीमतें 18 जुलाई से लागू पाकिस्तान सरकार ने पेट्रोल के दाम में 5.44 रुपया (पाकिस्तानी रुपया) प्रति लीटर और हाई-स्पीड डीजल में 31.05 रुपया प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है। इस बढ़ोतरी के बाद पाकिस्तान में एक लीटर पेट्रोल की कीमत 316.15 रुपया और हाई-स्पीड डीजल की कीमत 354.35 रुपया लीटर हो गई है। नई कीमतें 18 जुलाई से लागू हो गई हैं। इसके अलावा सरकार ने अब पेट्रोल-डीजल की कीमतें साप्ताहिक की जगह रोजाना तय करने का फैसला किया है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 3. HDFC बैंक का मुनाफा 5% बढ़कर ₹19,060 करोड़: नेट इंटरेस्ट इनकम 6.7% बढ़ी; बैंक के नतीजे एक्सपर्ट्स के अनुमान से कम रहे HDFC बैंक लिमिटेड ने शनिवार को चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के नतीजे घोषित कर दिए हैं। इस तिमाही (Q1 FY27) में बैंक का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 4.98% बढ़कर 19,059.72 करोड़ रुपए रहा। हालांकि, यह मुनाफा CNBC-TV18 पोल के 19,332 करोड़ रुपए के अनुमान से कम रहा। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 4. ICICI बैंक का मुनाफा 16% बढ़कर ₹14,805 करोड़: पहली तिमाही में अनुमान से बेहतर रहे नतीजे, बैंक की एसेट क्वालिटी भी सुधरी ICICI बैंक लिमिटेड ने अप्रैल-जून तिमाही के लिए अपने स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट में साल-दर-साल 15.95% की बढ़त दर्ज की है। यह बढ़कर 14,804.5 करोड़ रुपए पर पहुंच गया है। बैंक का यह मुनाफा बाजार के अनुमानों से काफी बेहतर रहा। इस निजी क्षेत्र के बड़े बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) भी उम्मीद से ज्यादा तेजी से बढ़ते हुए 12.7% की एनुअल ग्रोथ के साथ 24,384.35 करोड़ रुपए रही। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 5. भारत का पहला प्राइवेट ऑर्बिटल रॉकेट लॉन्च कामयाब: स्काईरूट एयरोस्पेस ने खुद बनाकर अंतरिक्ष में भेजा, 2 दोस्तों ने इसरो छोड़कर बनाई थी यह कंपनी हैदराबाद की स्काईरूट एयरोस्पेस ने शनिवार 18 जुलाई को भारत का पहला प्राइवेट ऑर्बिटल रॉकेट विक्रम-1 लॉन्च किया। यह टेस्ट पहले ही प्रयास में कामयाब रहा। विक्रम-1 को स्काईरूट एयरोस्पेस ने तैयार किया और लॉन्चिंग भी खुद ही की। सिर्फ लॉन्चपैड इसरो का था। स्काईरूट एयरोस्पेस कंपनी की स्थापना 2018 में दो दोस्तों पवन कुमार चंदना और नागा भरत डाका ने की थी। विक्रम-1 को आंध्र प्रदेश में श्रीहरिकोटा में इसरो के सतीश धवन स्पेस सेंटर से दोपहर 12:05 बजे लॉन्च किया गया। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… दुनिया के टॉप-10 सबसे अमीर कौन रहे यह भी देख लीजिए… कल मार्केट बंद था तो शुक्रवार के शेयर बाजार और सोना-चांदी का हाल जान लीजिए… पेट्रोल-डीजल और घरेलू गैस सिलेंडर की लेटेस्ट कीमत जान लीजिए...

पहले गाय और फिर ट्रक से टकराई कार, वीडियो:मुरैना में ड्राइवर ने मचाया उत्पात, पूरी रोड पर लहराता रहा कार

पहले गाय और फिर ट्रक से टकराई कार, वीडियो:मुरैना में ड्राइवर ने मचाया उत्पात, पूरी रोड पर लहराता रहा कार

मुरैना नेशनल हाईवे-44 पर शनिवार को कार चालक ने जमकर उत्पात मचाया। उसकी कार हाईवे पर सांप की तरह लहराते हुए चल रही थी। पीछे चल रहे एक अन्य कार चालक ने पूरी घटना का वीडियो बना लिया, जो अब सामने आया है। देखें तस्वीरें… शनिवार शाम करीब 5 बजे नेशनल हाईवे-44 पर मारुति XL6 कार (क्रमांक MP 06 AK 9036) का चालक पूरी सड़क पर कार लहरा रहा था। कार एक बार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बैठे गौवंश से टकरा गई। इसके बाद भी चालक ने वाहन नहीं रोका। कुछ दूर आगे जाकर कार हाईवे पर चल रहे एक ट्रक से टकरा गई। टक्कर के बाद कार सड़क किनारे बनी दीवार से जा भिड़ी। हैरानी की बात यह रही कि हादसे के बाद भी चालक मौके पर नहीं रुका। वह क्षतिग्रस्त कार लेकर वहां से फरार हो गया। राहगीर बोले- नशे में धुत था युवक पूरी घटना का वीडियो पीछे चल रही एक कार में सवार युवक ने बना लिया। उसका कहना है कि युवक नशे में धुत था। वीडियो सामने आने के बाद सिविल लाइन थाना पुलिस कार और उसके चालक की तलाश में जुट गई है। पुलिस वीडियो के आधार पर मामले की जांच कर रही है। गनीमत रही कि इस पूरे घटनाक्रम में कोई जनहानि नहीं हुई। हालांकि, जिस तरह चालक शराब के नशे में हाईवे पर वाहन चला रहा था, उससे बड़ा सड़क हादसा हो सकता था। पुलिस अब वाहन चालक की पहचान कर उसके खिलाफ कार्रवाई की तैयारी कर रही है। फिलहाल चालक की पहचान नहीं सिविल लाइन थाना प्रभारी टीआई उदयभान यादव ने बताया कि फिलहाल कार चालक की पहचान नहीं हो सकी है। उसकी पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं। पहचान होने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

ईरान बोला- अमेरिका का MQ-9 ड्रोन मार गिराया:वीडियो भी जारी किया; US ने लगातार 8वीं रात तेहरान पर बम बरसाए

ईरान बोला- अमेरिका का MQ-9 ड्रोन मार गिराया:वीडियो भी जारी किया; US ने लगातार 8वीं रात तेहरान पर बम बरसाए

ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने खुजेस्तान प्रांत के अहवाज में अमेरिकी MQ-9 रीपर ड्रोन को इंटरसेप्ट कर मार गिराया। ईरानी सरकारी मीडिया ने ड्रोन गिराने का वीडियो भी जारी किया है। IRGC के मुताबिक, उसने अपने नए डिफेंस सिस्टम से ड्रोन को निशाना बनाया। हालांकि अमेरिका ने अब तक न तो ड्रोन गिराए जाने के दावे की पुष्टि की है और न ही जारी वीडियो पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया दी है। MQ-9 रीपर अमेरिकी सेना का अत्याधुनिक मानव रहित ड्रोन है, जिसका इस्तेमाल निगरानी, खुफिया जानकारी जुटाने और सटीक हवाई हमलों के लिए किया जाता है। दूसरी ओर, अमेरिकी सेना ने कहा है कि उसने लगातार आठवीं रात ईरान के खिलाफ हवाई हमले किए। इससे पहले अमेरिका ने जानकारी दी थी कि जॉर्डन में ईरान के मिसाइल हमले में दो अमेरिकी सैनिकों की मौत हुई, जबकि एक सैनिक लापता है। पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स… 1. अमेरिका के साथ समझौते से पीछे हटा ईरान: ईरान ने अमेरिका के साथ एक महीने पहले हुए समझौते से पीछे हटने का ऐलान किया है। ईरान के उप विदेश मंत्री ने कहा कि अमेरिका ने खुद समझौते का उल्लंघन किया, इसलिए वे भी उसकी शर्तों का पालन नहीं करेंगे। 2. अमेरिकी हमलों में 50 लोगों की मौत, 500 घायल: ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने दावा किया है कि 27 जून से 18 जुलाई के बीच अमेरिकी हवाई हमलों में 50 लोगों की मौत हुई है, जबकि 500 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। 3. जंग में डिसैलिनेशन प्लांट बने निशाना: कुवैत ने दावा किया कि ईरान ने उसके एक डिसैलिनेशन प्लांट पर हमला किया है। वहीं, ईरान ने भी दावा किया कि अमेरिका ने ईरान के होर्मोजगान में एक डिसैलिनेशन प्लांट पर हमला किया है। 4. अमेरिकी हमलों में दो पुल क्षतिग्रस्त: अमेरिकी हमले में बंदर अब्बास-रूदान मार्ग पर स्थित दो पुल बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। साथ ही, जस्क के पास एक इलाके पर भी सैन्य हमला हुआ। 5. होर्मुज में जहाजों की आवाजाही निचले स्तर पर: होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों की संख्या तीन हफ्तों के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है। शिप ट्रैकिंग वेबसाइट मरीन ट्रैफिक के मुताबिक, गुरुवार को स्ट्रेट से सिर्फ 8 जहाज गुजरे। ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

शादीशुदा होकर लिव-इन में गए तो 5 साल की जेल:सीएम ने क्यों कहा- राम एक शादी करेगा तो रहीम चार क्यों'; MP में UCC से क्या बदलेगा?

शादीशुदा होकर लिव-इन में गए तो 5 साल की जेल:सीएम ने क्यों कहा- राम एक शादी करेगा तो रहीम चार क्यों'; MP में UCC से क्या बदलेगा?

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को कटनी में कहा- अगर राम एक शादी करेगा तो रहीम दो या चार शादियां क्यों करेगा? मध्य प्रदेश में वही रह पाएगा, जो एक ही शादी करेगा। रविवार को भोपाल के जगदीशपुर में हुई कैबिनेट बैठक में मध्यप्रदेश समान नागरिक संहिता-2026 को मंजूरी मिल गई। अब इसे 20 जुलाई से शुरू हो रहे विधानसभा के मानसून सत्र में विधेयक के रूप में पेश किया जाएगा। तो क्या UCC किसी एक धर्म के खिलाफ है और क्या लिव-इन पार्टनर्स को भी अलग करना चाहती है सरकार; समझेंगे आज के एमपी एक्सप्लेनर में… सवाल 1: UCC का एमपी मॉडल क्या उत्तराखंड से ज्यादा सख्त है? जवाब: मध्य प्रदेश का ड्राफ्ट काफी हद तक उत्तराखंड मॉडल पर ही आधारित है। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि उत्तराखंड का UCC ड्राफ्ट भी सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जज जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई ने ही तैयार किया था और मध्य प्रदेश की समिति की अध्यक्ष भी वही हैं। हालांकि, मध्य प्रदेश के ड्राफ्ट में कुछ बदलाव किए गए हैं… सवाल 2: ‘राम एक शादी करेगा तो रहीम चार क्यों’ सीएम के बयान के क्या मायने हैं? जवाबः मुख्यमंत्री के इस बयान का मतलब बहुविवाह खत्म करना है। सवाल 3: क्या लिव-इन में रहने पर पुलिस सीधे गिरफ्तार कर लेगी? जवाबः अगर आप सामान्य और अविवाहित लिव-इन कपल हैं तो जवाब है- नहीं। पुलिस यूं ही गिरफ्तार नहीं करेगी। प्रस्ताव के मुताबिक, हर लिव-इन कपल को रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा। इसके 5 अहम पहलू हैं 1. पेरेंट्स और पुलिस को सूचना: रजिस्ट्रेशन होते ही इलाके के थाने और कपल के माता-पिता को इसकी आधिकारिक सूचना भेजी जाएगी। 2. पड़ोसी भी कर सकेंगे शिकायत: बिना रजिस्ट्रेशन लिव-इन में रहने पर पड़ोसी, स्थानीय लोग या किराए के मकान के मालिक भी पुलिस से इसकी शिकायत कर सकते हैं। 3. बिना बताए रहने पर 3 महीने की जेल: रजिस्ट्रेशन न कराने या अपनी गलत पहचान बताने पर 3 महीने तक की जेल हो सकती है। उत्तराखंड में भी बिल्कुल यही नियम है। ब्रेकअप होने की स्थिति में रजिस्ट्रेशन कैंसिल कराना भी उतना ही जरूरी होगा। 4. शादीशुदा होने पर 5 साल की जेल: अगर कोई व्यक्ति पहले से शादीशुदा है और वह लिव-इन रिलेशनशिप में जाता है, तो 5 साल तक की सजा का प्रावधान रखा गया है। सरकार ने इसे कठोरता से लागू करने की बात कही है। 5. मेंटेनेंस देना होगा: पुरुष अगर अपनी लिव-इन पार्टनर को छोड़कर जाता है, तो उसे महिला को भरण-पोषण देना पड़ सकता है। सवाल 4: लिव-इन कपल अगर अलग हो जाएं, तो उनसे पैदा हुए बच्चों का क्या होगा? जवाबः अभी तक लिव-इन से जन्मी संतानों को अपने जन्म देने वाले माता-पिता की संपत्ति में हक पाने के लिए अक्सर कोर्ट में लंबी लड़ाई लड़नी पड़ती थी, खासकर तब जब कपल में अनबन हो जाए। सूत्रों के मुताबिक, इसे सिर्फ संपत्ति के अधिकार तक सीमित नहीं रखा गया, बल्कि बच्चे की पूरी कानूनी पहचान को सुरक्षित करने का प्रस्ताव है। इसमें 3 प्रावधान हो सकते हैं.... 1. माता-पिता की पहचान कानूनी तौर पर मिलेगी: अभी तक कानूनी उलझनों में बच्चों को अक्सर समाज में अवैध या नाजायज मान लिया जाता था। लेकिन UCC लागू होने के बाद, रजिस्टर्ड लिव-इन से पैदा हुए बच्चे कानूनी रूप से पूरी तरह वैध माने जाएंगे। कानून की नजर में उनका दर्जा शादीशुदा जोड़े के बच्चे जैसा ही होगा। साथ ही उन्हें माता-पिता का नाम और पहचान भी कानूनी तौर पर मिलेगी। 2. संपत्ति में जन्म से हक: बच्चों को अपने माता और पिता, दोनों की पैतृक और खुद कमाई हुई संपत्ति में जन्म से ही बराबर अधिकार मिलेगा। इसके लिए उन्हें खुद को संतान साबित करने या कोर्ट के चक्कर काटने की जरूरत नहीं पड़ेगी। 3. ब्रेकअप के बाद जिम्मेदारी: लिव-इन कपल के अलग होने पर महिला को भरण-पोषण यानी आर्थिक सहारा मिलने का प्रावधान प्रस्ताव में शामिल है। चूंकि बच्चे को अब कानूनन वैध माना जाएगा, इसलिए तार्किक तौर पर उसकी कस्टडी, शिक्षा और भरण-पोषण के भी वही नियम लागू होने की उम्मीद है, जो शादीशुदा जोड़ों के बच्चों पर लागू होते हैं। हालांकि, ड्राफ्ट बिल विधानसभा में पेश होने के बाद ही इन प्रावधानों की आधिकारिक तस्वीर साफ हो सकेगी। सवाल 5: क्या UCC लागू होने से सात फेरे या निकाह जैसी परंपराएं खत्म हो जाएंगी? जवाबः ऐसा नहीं है। सवाल 6: संपत्ति पर किसका-कितना हक होगा, क्या यह बदल सकता है? जवाबः प्रदेश के UCC ड्राफ्ट में कमेटी ने दो बदलावों का प्रस्ताव रखा है... 1. पिता को बराबर हक: मौजूदा व्यवस्था में उत्तराधिकार के नियम अलग-अलग व्यक्तिगत कानूनों के तहत तय होते हैं। प्रस्तावित ड्राफ्ट में 'मां' की जगह 'माता-पिता' शब्द इस्तेमाल करने की सिफारिश की गई है। इसका मकसद यह है कि मां के न होने की स्थिति में भी पिता का उत्तराधिकार का अधिकार बना रहे। 2. बेटियों को बेटों के बराबर हक: हिंदू बेटियों को पैतृक संपत्ति में बेटों के बराबर अधिकार 2005 से मिल चुका है। प्रस्तावित UCC के तहत इसी तरह के समान उत्तराधिकार सभी समुदायों की बेटियों को देने की व्यवस्था की गई है, ताकि धर्म के आधार पर अलग-अलग नियम न रहें। सवाल 7: किन समुदायों को इस कानून के दायरे से बाहर रखा गया है और क्यों? जवाबः कमेटी ने अनुसूचित जनजातियों (ST) के साथ-साथ घुमंतू और अर्ध-घुमंतू समुदायों को UCC के दायरे से बाहर रखने की सिफारिश की है। सवाल 8: क्या UCC किसी धर्म के खिलाफ है? जवाबः नहीं, UCC किसी भी धर्म के खिलाफ नहीं है। मध्य प्रदेश में UCC का मसौदा तैयार करने से पहले राज्य स्तरीय समिति ने आम लोगों से सुझाव मांगे थे। समिति के मुताबिक, उसे करीब साढ़े नौ लाख सुझाव मिले। एमपी एक्सप्लेनर की यह खबर भी पढ़ें… क्या नरोत्तम के आंसू हार की वजह बनेंगे 15 साल दतिया के विधायक रहे नरोत्तम मिश्रा टिकट कटने के बाद मंच पर भावुक नजर आए। इसके बाद गुरुवार को आशुतोष तिवारी की मौजूदगी में अपने कार्यकर्ताओं से कहा- लोग कहने लगे हैं कि आशुतोष ने टिकट काट दिया। उसकी क्षमता है टिकट काटने की? टिकट काटने वाले कोई और हैं। पढ़ें पूरी खबर…

भास्कर अपडेट्स:अहमदाबाद की अवैध पटाखा फैक्ट्री में ब्लास्ट मामले में 3 अरेस्ट, 9 लोगों की हुई थी मौत

भास्कर अपडेट्स:अहमदाबाद की अवैध पटाखा फैक्ट्री में ब्लास्ट मामले में 3 अरेस्ट, 9 लोगों की हुई थी मौत

अहमदाबाद के रामोल इलाके में अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए विस्फोट और आग के मामले में पुलिस ने फैक्ट्री चलाने वाले तीन साझेदारों को गिरफ्तार किया है। शनिवार को हुए इस हादसे में नौ लोगों की मौत हुई थी, जबकि छह लोग घायल हुए थे। एजेंसी PTI के मुताबिक, फैक्ट्री का लाइसेंस मार्च में खत्म हो गया था, लेकिन इसके बावजूद वहां अवैध रूप से काम फिर शुरू कर दिया गया था। अहमदाबाद पुलिस आयुक्त अनुपम सिंह गहलौत ने रविवार को बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रमीलाबेन डोडिया, उनके बेटे मेहुल डोडिया और उनके कारोबारी साझेदार सादिक सैयद के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं होने के बाद प्रशासन ने फैक्ट्री बंद करने के आदेश दिए थे। पुलिस समय-समय पर इसकी जांच भी करती रही। हालांकि, आरोपियों ने करीब 20 दिन पहले दाहोद से मजदूर बुलाकर फैक्ट्री को फिर से अवैध रूप से शुरू कर दिया। इस दौरान पुलिसकर्मी हाल में संपन्न हुई रथ यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था में व्यस्त थे। पुलिस अब उस जमीन के मालिक की भूमिका की भी जांच कर रही है, जिसने यह परिसर किराये पर दिया था। इसके अलावा अवैध फैक्ट्री के लिए वित्तीय मदद करने वालों की भी जांच की जा रही है। आज की अन्य बड़ी खबरें… जम्मू-कश्मीर में एक हफ्ते के अंदर दूसरा संदिग्ध पाकिस्तानी ड्रोन बरामद जम्मू-कश्मीर के सांबा जिले में सेना ने एक संदिग्ध पाकिस्तानी ड्रोन बरामद किया है। पिछले एक हफ्ते में इस तरह का दूसरा ड्रोन मिला है। अधिकारियों के अनुसार, टेरिटोरियल आर्मी के जवानों ने शनिवार देर रात पुरमंडल क्षेत्र के सांगर खेतों से इस ड्रोन को बरामद किया। लगातार ड्रोन मिलने की घटनाओं को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने निगरानी बढ़ा दी है और मामले की जांच शुरू कर दी है। ड्रोन को फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है। इससे पहले 14 जुलाई को भी जम्मू क्षेत्र के देवक गांव के पास एक खुले मैदान से एक ड्रोन बरामद किया गया था। आंध्र प्रदेश के विजयनगरम के पास लॉरी-कार की टक्कर, 4 लोगों की मौत, एक घायल आंध्र प्रदेश के विजयनगरम जिले में सत्ताराव जंक्शन के पास एक लॉरी और कार की टक्कर हो गई। हादसे में 4 लोगों की मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। सूचना मिलते ही आनंदपुरम पुलिस मौके पर पहुंची और मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। पुलिस हादसे के कारणों का पता लगाने में जुटी है। गुजरात के गोधरा रेलवे स्टेशन पर उद्घाटन के कुछ घंटे बाद ही लिफ्ट खराब, 6 यात्री फंसे गुजरात के गोधरा रेलवे स्टेशन पर शनिवार को नई लिफ्ट के उद्घाटन के कुछ ही घंटे बाद उसमें तकनीकी खराबी आ गई। इसके चलते 6 यात्री करीब एक घंटे तक लिफ्ट में फंसे रहे। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और लिफ्ट का दरवाजा काटकर सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला। घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।

अमेरिका से 18 हजार भारतीय डिपोर्ट होंगे:अपील, दलील या वकील करने का मौका नहीं; ट्रम्प सरकार ने 2025 में भारतीयों को हथकड़ी-बेड़ियां पहनाकर भेजा था

अमेरिका से 18 हजार भारतीय डिपोर्ट होंगे:अपील, दलील या वकील करने का मौका नहीं; ट्रम्प सरकार ने 2025 में भारतीयों को हथकड़ी-बेड़ियां पहनाकर भेजा था

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने डिपोर्टेशन का बड़ा अभियान छेड़ने की तैयारी कर ली है। अमेरिका में 18 हजार अनडॉक्युमेंटेड (बिना दस्तावेज) भारतीय निशाने पर आ गए हैं। इस बार भी ट्रम्प प्रशासन डिपोर्टेशन के लिए सैन्य विमानों के इस्तेमाल की तैयारी में है, जो उनकी सख्त इमिग्रेशन नीति की सबसे चर्चित तस्वीर बन चुका है। अनडॉक्युमेंटेड भारतीयों को न अपील, न दलील और न ही वकील करने का मौका मिलेगा। ट्रम्प की आईसीई (इमिग्रेशन कस्टम्स एंड एनफोर्समेंट) की टीमें लगातार छापे मार रही हैं। भास्कर ने अमेरिका के 4 शहरों- न्यूयॉर्क, टेक्सास, कैलिफोर्निया और न्यूजर्सी—से ग्राउंड रिपोर्ट की। इसमें सामने आया कि डिपोर्टेशन अभियान ने बिना दस्तावेज वाले भारतीयों की जिंदगी पूरी तरह बदल दी है। डिटेंशन सेंटर में बंद लोगों के साथ दुर्व्यवहार की कहानियां भी सामने आईं। डिपोर्टेशन के लिए दो नए डिटेंशन सेंटर तैयार ट्रम्प प्रशासन ने डिपोर्ट किए जाने वाले प्रवासियों को रखने के लिए एल पासो में एक और कैलिफोर्निया में दो वेयरहाउस खरीदे हैं। इन पर करीब 16,500 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं। इन्हें डिटेंशन सेंटर में बदलकर आईसीई को सौंप दिया गया है। यहां करीब 12 हजार प्रवासियों को रखा जा रहा है। वकील बोले- पहले सुनवाई होती थी, अब सीधे डिटेंशन सेंटर भेजा जा रहा न्यूयॉर्क के इमिग्रेशन अटॉर्नी ग्रेग सिस्किंड कहते हैं, "मैं 30 साल से प्रवासियों के केस लड़ता रहा हूं। बिना दस्तावेज वाले किसी भी प्रवासी को अपना पक्ष रखने का मौका मिलता है, लेकिन अब आईसीई के छापों के बाद लोगों को सीधे डिटेंशन सेंटर भेजा जा रहा है।" उनका कहना है कि अमेरिका में संघीय व्यवस्था के कारण हर राज्य में मानवाधिकारों से जुड़े अलग-अलग कानून हैं, लेकिन आईसीई किसी भी राज्य में जाकर कार्रवाई कर रही है। 2025 में 3,567 भारतीय अमेरिका से डिपोर्ट हुए थे 2025 में अमेरिका ने 3,567 भारतीय नागरिकों को डिपोर्ट किया था। यह जानकारी भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने जून 2026 में दी थी। विदेश मंत्रालय ने बताया कि 2026 में जून तक 1,076 भारतीयों को डिपोर्ट किया गया है। 5 फरवरी 2025 को अमेरिका ने पहली बार सैन्य विमान से 104 भारतीयों को अमृतसर भेजा था। इस दौरान कई लोगों को हथकड़ी और पैरों में बेड़ियां लगी थीं। इसकी तस्वीरें सामने आने के बाद देशभर में विवाद हुआ। संसद में भी हंगामा हुआ था। ------------------------------------ अमेरिका-भारत से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… अमेरिकी सांसद बोले-भारत से 30 साल में सबसे खराब रिश्ते:ट्रम्प के एकतरफा फैसले ने भरोसा तोड़ा, यकीन न हो तो जयशंकर से पूछिए भारतीय मूल के अमेरिकी डेमोक्रेटिक सांसद रो खन्ना ने कहा है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की नीतियों की वजह से भारत और अमेरिका के रिश्ते पिछले 30 साल में सबसे खराब दौर में पहुंच गए हैं।वॉशिंगटन में आयोजित यूएस-इंडिया स्ट्रैटजिक पार्टनरशिप फोरम (USISPF) लीडरशिप समिट 2026 में उन्होंने कहा कि ट्रम्प की टैरिफ नीति, ईरान के साथ युद्ध और सहयोगी देशों से बिना सलाह लिए फैसले करने से अमेरिका की साख को नुकसान पहुंचा है। पूरी खबर पढ़ें…

इंग्लैंड ने फुटबॉल वर्ल्डकप में ब्रॉन्ज जीता, साका की हैट्रिक:फ्रांस हारा; एम्बाप्पे गोल्डन बूट की रेस में मेसी से आगे, टूर्नामेंट में 10 गोल

इंग्लैंड ने फुटबॉल वर्ल्डकप में ब्रॉन्ज जीता, साका की हैट्रिक:फ्रांस हारा; एम्बाप्पे गोल्डन बूट की रेस में मेसी से आगे, टूर्नामेंट में 10 गोल

इंग्लैंड ने फुटबॉल वर्ल्ड कप 2026 के तीसरे स्थान के मैच में फ्रांस को 6-4 से हराकर ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। इंग्लैंड ने वर्ल्ड कप इतिहास में अपना दूसरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। टीम 1966 में चैंपियन बनी थी। इंग्लैंड की जीत के हीरो बुकायो साका रहे, जिन्होंने हैट्रिक लगाई। वहीं, फ्रांस के कप्तान किलियन एम्बाप्पे ने दो गोल करके गोल्डन बूट की रेस में मेसी को पीछे छोड़ दिया। उनके 10 गोल हो गए हैं, जबकि मेसी के 8 गोल हैं। इतना ही नहीं, एमबाप्पे वर्ल्ड कप इतिहास में सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी बने। उनके नाम अब 22 विश्व कप गोल हो गए हैं, जबकि लियोनेल मेसी के 21 गोल हैं। हालांकि, आज देर रात होने वाले वर्ल्ड कप फाइनल में मेसी के पास वापसी करने का मौका है। मैच में खास तीसरे मिनट में पहला गोल आया इंग्लैंड ने मुकाबले की शुरुआत से ही दबदबा बनाया। तीसरे मिनट में डेक्लान राइस ने पहला गोल किया, जबकि 18वें मिनट में एजरी कॉन्सा ने बढ़त 2-0 कर दी। साका ने 37वें मिनट और पहले हाफ के इंजरी टाइम में गोल कर इंग्लैंड को हाफ टाइम तक 4-0 की मजबूत बढ़त दिला दी। एम्बाप्पे ने दूसरे हाफ में 2 गोल दागे दूसरे हाफ में फ्रांस ने वापसी की कोशिश की। एम्बाप्पे ने 48वें मिनट में पहला गोल किया। 54वें मिनट में ब्रैडली बारकोला ने स्कोर 4-2 किया और 66वें मिनट में एम्बाप्पे ने अपना दूसरा गोल कर अंतर सिर्फ एक गोल का कर दिया। पेनल्टी पर गोल से साका की हैट्रिक 87वें मिनट में मिले पेनल्टी को गोल में बदलकर साका ने अपनी हैट्रिक पूरी की और इंग्लैंड को राहत दिलाई। इंजरी टाइम में उस्मान डेम्बेले ने फ्रांस के लिए गोल किया, लेकिन इसके तुरंत बाद जूड बेलिंगहम ने गोल कर इंग्लैंड की 6-4 की जीत तय कर दी। -------------------------------------------- फुटबॉल वर्ल्ड कप से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… अर्जेंटीना और स्पेन में फाइनल मैच आज रात को, मेसी के पास टॉप स्कोरर बनने का मौका फीफा वर्ल्ड कप का फाइनल मुकाबला आज स्पेन और अर्जेंटीना के बीच होगा। टूर्नामेंट में दोनों टीमें 60 साल बाद आमने-सामने हो रही हैं। न्यूयॉर्क के न्यू जर्सी स्टेडियम में रात 12:30 बजे से मुकाबला खेला जाएगा। पढ़ें पूरी खबर

30 साल बाद घर लौटेगा जवान का शव:माउंट एवरेस्ट पर तूफान में फंसे थे लद्दाख के दोरजे, 26 हजार फीट ऊपर गुफा में शरीर

30 साल बाद घर लौटेगा जवान का शव:माउंट एवरेस्ट पर तूफान में फंसे थे लद्दाख के दोरजे, 26 हजार फीट ऊपर गुफा में शरीर

माउंट एवरेस्ट की बर्फीली चोटियों पर 26,247 फीट ऊंचे 'डेथ जोन' में पिछले 30 सालों से एक पर्वतारोही का शरीर बर्फ में जमा है। पैरों में हरे जूते होने के कारण दुनिया उसे 'ग्रीन बूट्स' के नाम से जानती रही। सालों तक इसे आईटीबीपी के हेड कांस्टेबल शेवांग पाल्जोर का शव माना गया, लेकिन हाल में हुए डीएनए टेस्ट से पुष्टि हुई कि यह लांस नायक दोरजे मोरुप का पार्थिव शरीर है। अब 30 साल इंतजार के बाद इस साल अक्टूबर तक लद्दाख में दोरजे के परिवार को उनका शव सौंपा जाएगा। दोरजे मोरुप, शेवांग पाल्जोर और सूबेदार शेवांग समनला 1996 में तिब्बत के उत्तरी मार्ग से एवरेस्ट फतह करने निकली पहली भारतीय तीन सदस्यीय टीम का हिस्सा थे। 10 मई 1996 को शिखर के पास तीनों भीषण बर्फीले तूफान में फंस गए थे। यह अभियान बाद में '1996 माउंट एवरेस्ट डिजास्टर' के नाम से जाना गया, जिसमें उस सीजन में 12 पर्वतारोहियों की मौत हुई थी। 75 वर्षीय पत्नी बोलीं- उन्हें देखकर ही आखिरी सांस लूंगी भास्कर ने दोरजे के घर पहुंचकर उनकी पत्नी कोनचोक यांगस्किट से मुलाकात की। 75 वर्षीय कोनचोक अब सुन नहीं सकतीं। वह पति की पेंशन पर गुजर-बसर करती हैं। जब से बेटे फुंतसोग दोरजे ने पिता का शव लाने वाले मिशन की सूचना दी, तब से वह रो रही हैं। उन्होंने बेटे को कागज पर लिखकर दिया है कि उनकी आखिरी इच्छा एक बार पति को देखने की है। उन्होंने लिखा, “उन्हें देखकर ही आखिरी सांस लूंगी।” दोरजे के बेटे फुंतसोग भारतीय सेना में हैं। उन्होंने बताया कि आईटीबीपी से उन्हें अब तक मिशन की पूरी जानकारी नहीं मिली है। मां ने पिता के इंतजार में पूरी जिंदगी रो-रोकर बिता दी। अब उनकी आंखों में उम्मीद नजर आ रही है। एवरेस्ट चढ़ने वालों के लिए लैंडमार्क बन गया था ग्रीन बूट्स 1996 में ब्रिटिश पर्वतारोही और फिल्ममेकर मैट डिकिन्सन ने पहली बार बर्फ में फंसे दोरजे मोरुप के शव का वीडियो रिकॉर्ड किया था। बाद में यह फुटेज 'समिट फीवर' डॉक्यूमेंट्री में भी दिखाई गई। पैरों में पहने हरे रंग के जूतों के कारण इस शव को 'ग्रीन बूट्स' नाम दिया गया।। यह शव एवरेस्ट के उत्तरी मार्ग पर एक छोटी गुफा में पड़ा था जो 'ग्रीन बूट्स गुफा' नाम से मशहूर हुआ। शिखर पर जाने वाले लगभग सभी पर्वतारोही इसी रास्ते से होकर गुजरते थे। उनके लिए यह रास्ते की पहचान (लैंडमार्क) बन गया था। 30 साल तक शव क्यों नहीं निकाला जा सका दोरजे का शव जिस जगह है, वह 8 हजार मीटर (करीब 26,247 फीट) से ऊपर का 'डेथ जोन' है। यहां समुद्र तल की तुलना में सिर्फ करीब 33% ऑक्सीजन होती है। इतनी ऊंचाई पर शरीर तेजी से जवाब देने लगता है। कोशिकाएं मरने लगती हैं। यहां हेलिकॉप्टर भी नहीं पहुंच सकते। इसलिए यहां से शव वापस लाना दुनिया के सबसे मुश्किल अभियानों में गिना जाता है। यही वजह है कि एवरेस्ट पर मारे गए 340 से ज्यादा पर्वतारोहियों में से अधिकांश के शव आज भी वहीं पड़े हैं। ------------------------- यह खबर भी पढ़ें… भारत का पहला प्राइवेट ऑर्बिटल रॉकेट लॉन्च कामयाब: स्काईरूट एयरोस्पेस ने खुद बनाकर अंतरिक्ष में भेजा, 2 दोस्तों ने इसरो छोड़कर बनाई थी यह कंपनी हैदराबाद की स्काईरूट एयरोस्पेस ने शनिवार 18 जुलाई को भारत का पहला प्राइवेट ऑर्बिटल रॉकेट विक्रम-1 लॉन्च किया। यह टेस्ट पहले ही प्रयास में कामयाब रहा। विक्रम-1 को स्काईरूट एयरोस्पेस ने तैयार किया और लॉन्चिंग भी खुद ही की। सिर्फ लॉन्चपैड इसरो का था। पूरी खबर पढ़ें…

वर्ल्ड कप फाइनल में 12वीं बार यूरोप Vs लैटिन अमेरिका:अर्जेंटीना जीता तो 64 साल बाद कोई टीम लगातार दो खिताब जीतेगी

वर्ल्ड कप फाइनल में 12वीं बार यूरोप Vs लैटिन अमेरिका:अर्जेंटीना जीता तो 64 साल बाद कोई टीम लगातार दो खिताब जीतेगी

फुटबॉल वर्ल्ड कप का फाइनल मुकाबला देर रात स्पेन और अर्जेंटीना के बीच खेला जाएगा। टूर्नामेंट के 96 साल के इतिहास में यह 23वां फाइनल होगा। 12वीं बार फाइनल मुकाबला यूरोप और लैटिन अमेरिका की टीम के बीच होने जा रहा है। इससे पहले इन दोनों महाद्वीपों की टीमों के बीच हुए 11 फाइनल में 8 बार लैटिन अमेरिकी टीमों ने खिताब जीता। यूरोप की टीम 3 बार ही टाइटल जीत पाई। इतिहास का एक और पहलू अर्जेंटीना के फेवर में है। इससे पहले यूरोप के बाहर 11 वर्ल्ड कप हुए। इनमें से 9 बार लैटिन अमेरिकी टीम चैंपियन बनी। यूरोप की टीमें सिर्फ दो बार ही खिताब जीत पाई। हालांकि, इससे स्पेन का दावा कमजोर नहीं होता। यूरोप की जिन दो टीमों ने यूरोप से बाहर वर्ल्ड कप जीता, उसमें एक स्पेन भी है। स्पेन ने 2010 में साउथ अफ्रीका में हुए वर्ल्ड कप में खिताब जीता था। वर्ल्ड कप फाइनल से जुड़े 5 रोचक फैक्ट्स 1. वर्ल्ड कप की ट्रॉफी सिर्फ दो महाद्वीपों में बंटी 1930 से 2022 तक खेले गए 22 वर्ल्ड कप में सिर्फ यूरोप और लैटिन अमेरिका की टीमें ही चैंपियन बनी हैं। यूरोप ने पांच देशों के दम पर 12 और लैटिन अमेरिका ने तीन देशों के दम पर 10 खिताब जीते हैं। यानी 96 साल में कोई एशियाई, अफ्रीकी या उत्तरी अमेरिकी टीम वर्ल्ड चैंपियन नहीं बन सकी। 2. यूरोप के बाहर वर्ल्ड कप... तो लैटिन अमेरिका का दबदबा यूरोप के बाहर अब तक 11 वर्ल्ड कप हुए हैं। इनमें 9 बार लैटिन अमेरिकी और सिर्फ 2 बार यूरोपीय टीम चैंपियन बनी है। स्पेन (2010) और जर्मनी (2014) ही यूरोप की ऐसी टीमें हैं, जिन्होंने यूरोप के बाहर हुए वर्ल्ड कप में खिताब जीता है। 3. अर्जेंटीना के पास 64 साल पुराना रिकॉर्ड दोहराने का मौका अर्जेंटीना लगातार दूसरी बार विश्व कप जीतने से सिर्फ एक कदम दूर है। टीम ने 2022 में कतर में तीसरा वर्ल्ड कप जीता था। अगर वह न्यू जर्सी में स्पेन को हराकर खिताब बचाने में सफल रहती है, तो 1962 के बाद लगातार दो वर्ल्ड कप जीतने वाली पहली टीम बन जाएगी। अब तक सिर्फ दो देशों ने अपने विश्व कप खिताब का सफल बचाव किया है। इटली ने 1934 और 1938, जबकि ब्राजील ने 1958 और 1962 में लगातार दो बार ट्रॉफी जीती थी। 4. स्पेन ने पहला वर्ल्ड कप यूरोप के बाहर ही जीता था स्पेन ने अपना इकलौता वर्ल्ड कप 2010 में साउथ अफ्रीका में जीता था। अब उसके सामने दूसरी ट्रॉफी जीतने के साथ-साथ गैर-यूरोपीय धरती पर लैटिन अमेरिका के लंबे वर्चस्व को चुनौती देने का मौका है। स्पेन का वर्ल्ड कप सफर उतार-चढ़ाव भरा रहा है। 2010 के खिताब के बाद टीम 2014, 2018 और 2022 में नॉकआउट से आगे नहीं बढ़ सकी। वहीं अर्जेंटीना पिछले चार वर्ल्ड कप में तीन बार सेमीफाइनल और दो बार फाइनल खेल चुका है। 5. फाइनल के आंकड़े किसके पक्ष में? वर्ल्ड कप इतिहास में यूरोप और लैटिन अमेरिका की टीमें 11 बार फाइनल में आमने-सामने आई हैं। इनमें लैटिन अमेरिका ने 8 और यूरोप ने 3 बार जीत दर्ज की है। जर्मनी सबसे ज्यादा 8 फाइनल खेलने वाली टीम है, लेकिन सबसे सफल टीम ब्राजील है, जिसने सात फाइनल में पांच बार ट्रॉफी जीती। अर्जेंटीना 2026 का फाइनल खेलते ही सातवीं बार खिताबी मुकाबले में उतरेगा। भास्कर नॉलेज 1. भारत ने 1950 में खुद छोड़ दिया फीफा वर्ल्ड कप खेलने का मौका 1950 में भारत बिना कोई क्वालिफाइंग मैच खेले फीफा वर्ल्ड कप के लिए चुन लिया गया था। ऐसा इसलिए हुआ, क्योंकि एशिया की कई टीमों ने टूर्नामेंट से अपना नाम वापस ले लिया था, लेकिन ब्राजील तक लंबी यात्रा, ज्यादा खर्च, टीम की पूरी तैयारी न होना और उस समय ओलंपिक को ज्यादा महत्व दिए जाने के कारण अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (AIFF) ने टीम को वर्ल्ड कप में नहीं भेजा। इसके बाद से आज तक भारत फीफा वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई नहीं कर पाया है। 2. 1982 से हर फीफा वर्ल्ड कप की फुटबॉल पाकिस्तान में बन रही 1982 के स्पेन वर्ल्ड कप से लेकर 2026 वर्ल्ड कप तक लगभग हर आधिकारिक मैच बॉल पाकिस्तान के सियालकोट शहर में तैयार की गई है। 2026 वर्ल्ड कप की आधिकारिक गेंद 'Trionda' भी सियालकोट की फॉरवर्ड स्पोर्ट्स कंपनी ने एडिडास के लिए बनाई है। ---------------------------------------------------- फुटबॉल वर्ल्ड कप से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… फुटबॉल वर्ल्ड कप का फाइनल आज, टूर्नामेंट में 60 साल बाद भिड़ेंगे स्पेन और अर्जेंटीना फीफा वर्ल्ड कप का फाइनल मुकाबला आज स्पेन और अर्जेंटीना के बीच होगा। टूर्नामेंट में दोनों टीमें 60 साल बाद आमने-सामने हो रही हैं। न्यूयॉर्क के न्यू जर्सी स्टेडियम में रात 12:30 बजे से मुकाबला खेला जाएगा। पढ़ें पूरी खबर

खबर हटके-ट्रेन में छेड़छाड़ के आरोपी का मेकअप, चूड़ियां पहनाईं:बंदर की कीमत ₹25 लाख; सांप के काटने पर ₹11 करोड़ का इलाज

खबर हटके-ट्रेन में छेड़छाड़ के आरोपी का मेकअप, चूड़ियां पहनाईं:बंदर की कीमत ₹25 लाख; सांप के काटने पर ₹11 करोड़ का इलाज

ट्रेन में लड़की से छेड़छाड़ करने पर लोगों ने आरोपी को लिपस्टिक लगाकर मेकअप किया। वहीं, चीन में बंदरों की डिमांड इतनी बढ़ गई है कि उनकी कीमत ₹25 लाख तक पहुंच गई है। उधर, अमेरिका में सांप के काटने पर एक शख्स को ₹11 करोड़ का इलाज कराना पड़ा। आगरा में एक परिवार ने अपने लापता तोते की तलाश में शहरभर में होर्डिंग लगवाए हैं। साथ ही उसे ढूंढने वाले पर ₹50 हजार का इनाम रखा है। वहीं, 246 साल पहले शहीद हुए एक अमेरिकी सैनिक की अब जाकर पहचान हो पाई। आज खबर हटके में जानेंगे ऐसी ही 5 रोचक खबरें… तो ये थी आज की रोचक खबरें, कल फिर मिलेंगे कुछ और दिलचस्प और हटकर खबरों के साथ… खबर हटके को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें…

फुटबॉल वर्ल्ड कप का फाइनल आज:टूर्नामेंट में 60 साल बाद भिड़ेंगे स्पेन और अर्जेंटीना, मेसी लगातार दूसरा फाइनल खेलेंगे

फुटबॉल वर्ल्ड कप का फाइनल आज:टूर्नामेंट में 60 साल बाद भिड़ेंगे स्पेन और अर्जेंटीना, मेसी लगातार दूसरा फाइनल खेलेंगे

फीफा वर्ल्ड कप का फाइनल मुकाबला आज स्पेन और अर्जेंटीना के बीच होगा। टूर्नामेंट में दोनों टीमें 60 साल बाद आमने-सामने हो रही हैं। न्यूयॉर्क के न्यू जर्सी स्टेडियम में रात 12:30 बजे से मुकाबला खेला जाएगा। स्पेन 2010 के बाद दूसरी बार वर्ल्ड चैंपियन बनने उतरेगा। दूसरी ओर डिफेंडिंग चैंपियन अर्जेंटीना के पास चौथी बार ट्रॉफी जीतने और लगातार दूसरा वर्ल्ड कप अपने नाम करने का मौका होगा। जीत दर्ज करने पर अर्जेंटीना की टीम इटली (1938) और ब्राजील (1962) के बाद लगातार दो वर्ल्ड कप जीतने वाली तीसरी टीम बन जाएगी। करीब 19 साल पहले मेसी ने यमाल को गोद में उठाया था इस फाइनल की सबसे बड़ी कहानी लियोनेल मेसी और लामिन यमाल की है। मेसी अर्जेंटीना के सुपर स्टार हैं तो यमाल स्पेन की युवा सनसनी। मेसी स्पेन के ही क्लब बार्सिलोना के लिए खेलते थे। करीब 19 साल पहले बार्सिलोना के एक चैरिटी फोटोशूट में मेसी ने तीन महीने के यमाल को गोद में उठाकर नहलाया था। तब मेसी खुद 20 साल के थे। आज वही यमाल पहली बार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मेसी के सामने उतरेंगे। यह तस्वीर 2024 में वायरल हुई थी और अब फुटबॉल इतिहास की सबसे चर्चित कहानियों में शामिल है। गोल्डन बूट की रेस में मेसी सबसे आगे मेसी गोल्डन बूट की दौड़ में सबसे आगे हैं। उन्होंने इस वर्ल्ड कप में 8 गोल और 4 असिस्ट किए हैं। दूसरी ओर स्पेन के मिकेल ओयारजाबाल 5 गोल के साथ टीम के टॉप स्कोरर हैं, जबकि 19 साल के यमाल 30 सफल ड्रिब्ल के साथ टूर्नामेंट के सबसे इम्पैक्टफुल विंगर रहे हैं। दोनों टीमें बराबरी पर दोनों टीमों के बीच अब तक 14 मुकाबले खेले गए हैं। दोनों ने 6-6 मैच जीते हैं और 2 मुकाबले ड्रॉ रहे। वर्ल्ड कप में दोनों की अब तक सिर्फ एक भिड़ंत हुई है। 1966 में अर्जेंटीना ने स्पेन को 2-1 से हराया था। वहीं पिछली भिड़ंत 2018 के दोस्ताना मैच में हुई थी, जिसमें स्पेन ने अर्जेंटीना को 6-1 से मात दी थी। स्पेन ने पूरे टूर्नामेंट में सिर्फ एक गोल खाया लुइस डे ला फुएंते की टीम की शुरुआत केप वर्डे के खिलाफ 0-0 के ड्रॉ से हुई थी। इसके बाद स्पेन ने लगातार छह मुकाबले जीतकर फाइनल में जगह बनाई। टीम ने ऑस्ट्रिया, पुर्तगाल, बेल्जियम और सेमीफाइनल में फ्रांस को 2-0 से हराया। पूरे टूर्नामेंट में स्पेन ने सिर्फ एक गोल खाया। गोलकीपर उनाई सिमोन ने वर्ल्ड कप के एक सीजन में सबसे ज्यादा छह क्लीन शीट का रिकॉर्ड बनाया। वहीं कप्तान रोड्री ने रिकॉर्ड 648 सफल पास पूरे किए। अर्जेंटीना लगातार सात जीत के साथ फाइनल में डिफेंडिंग चैंपियन अर्जेंटीना ने ग्रुप स्टेज में अल्जीरिया, ऑस्ट्रिया और जॉर्डन को हराया। इसके बाद केप वर्डे, मिस्र, स्विट्जरलैंड और इंग्लैंड को हराकर लगातार दूसरी बार फाइनल में जगह बनाई। मिस्र के खिलाफ 0-2 से पिछड़ने के बाद 3-2 की जीत और सेमीफाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ पिछड़कर 2-1 से जीत ने टीम की चैंपियन मानसिकता दिखाई। अर्जेंटीना ने लगातार सात मुकाबले जीते हैं और इस विश्व कप में सबसे ज्यादा 19 गोल किए हैं। स्पेन की डिफेंस Vs अर्जेंटीना का अटैक फाइनल में सबसे बड़ी टक्कर स्पेन की डिफेंस और अर्जेंटीना के अटैक के बीच होगी। स्पेन ने सिर्फ एक गोल खाया है, जबकि अर्जेंटीना ने 19 गोल दागे हैं। रोड्री, कुबार्सी और कुकुरेला पर मेसी को रोकने की जिम्मेदारी होगी, जबकि अर्जेंटीना की उम्मीदें मेसी, जूलियन अल्वारेज और एंजो फर्नांडीज पर टिकी होंगी। पॉसिबल स्टार्टिंग XI स्पेन: उनाई सिमोन (गोलकीपर), पेड्रो पोरो, पाउ कुबार्सी, आयमेरिक लापोर्टे, मार्क कुकुरेला, रोड्री (कप्तान), फेबियन रुइज, लामिन यमाल, दानी ओल्मो, एलेक्स बेएना, मिकेल ओयारजाबाल। अर्जेंटीना: एमिलियानो मार्टिनेज (गोलकीपर), नहुएल मोलिना, क्रिस्टियन रोमेरो, लिसांद्रो मार्टिनेज, निकोलस टैग्लियाफिको, लिएंड्रो परेडेस, एलेक्सिस मैक एलिस्टर, एंजो फर्नांडीज, गिउलियानो सिमियोने, लियोनेल मेसी (कप्तान), जूलियन अल्वारेज। -------------------------------- फुटबॉल वर्ल्ड कप से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… वर्ल्ड कप फाइनल में 12वीं बार यूरोप Vs लैटिन अमेरिका फुटबॉल वर्ल्ड कप का फाइनल देर रात स्पेन और अर्जेंटीना के बीच खेला जाएगा। टूर्नामेंट के 96 साल के इतिहास में यह 23वां फाइनल होगा। 12वीं बार फाइनल मुकाबला यूरोप और लैटिन अमेरिका की टीम के बीच होने जा रहा है। इससे पहले इन दोनों महाद्वीपों की टीमों में हुए 11 फाइनल में 8 बार लैटिन अमेरिकी टीमों ने खिताब जीता। यूरोप की टीम 3 बार ही टाइटल जीत पाई। पढ़ें पूरी खबर

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