
मध्य प्रदेश सरकार ने रविवार को भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के तीन अधिकारियों के तबादले के आदेश जारी किए। आदेश के तहत टीकमगढ़ एसपी मनोहर सिंह मंडलोई को पुलिस मुख्यालय भोपाल में सहायक पुलिस महानिरीक्षक (AIG) बनाया गया है। उनकी जगह श्योपुर के एसपी सुधीर कुमार अग्रवाल को टीकमगढ़ का नया पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया गया है, जबकि रीवा की 9वीं वाहिनी विशेष सशस्त्र बल (SAF) में सेनानी पद पर पदस्थ मोती उर रहमान को श्योपुर का एसपी बनाया गया है। गृह विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, वर्ष 2012 बैच के आईपीएस मनोहर सिंह मंडलोई को टीकमगढ़ एसपी के पद से हटाकर पुलिस मुख्यालय भोपाल में सहायक पुलिस महानिरीक्षक बनाया गया है। मंडलोई अक्टूबर 2024 से टीकमगढ़ के एसपी के रूप में पदस्थ थे। वर्ष 2016 बैच के आईपीएस सुधीर कुमार अग्रवाल, जो अक्टूबर 2025 से श्योपुर के पुलिस अधीक्षक के रूप में कार्यरत थे, अब टीकमगढ़ के नए एसपी होंगे। वहीं वर्ष 2018 बैच के आईपीएस मोती उर रहमान को रीवा स्थित 9वीं वाहिनी विशेष सशस्त्र बल (SAF) के सेनानी पद से श्योपुर का पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया गया है। वे मई 2026 से 9वीं वाहिनी, रीवा में पदस्थ थे।

TMC सांसद अभिषेक बनर्जी ने रविवार को आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में पश्चिम बंगाल पुलिस खुद कानून तोड़ने वाली बन गई है। यह बयान उन्होंने दक्षिण 24 परगना के अमतला स्थित अपने ऑफिस को तोड़े जाने के एक दिन बाद दिया। शनिवार को जिला प्रशासन ने इमारत का अगला हिस्सा बुलडोजर से गिरा दिया था। आरोप था कि यह बिना मंजूरी के बना था। हालांकि रविवार को कोलकाता हाईकोर्ट ने इस तोड़-फोड़ पर रोक लगा दी है। साथ ही इसे अगली सुनवाई तक ज्यों का त्यों रखने का आदेश दिया है। इससे पहले इमारत तोड़ने के बाद रात का एक वीडियो अभिषेक ने सोशल मीडिया X पर शेयर किया है।अभिषेक ने आरोप लगाया- बंगाल पुलिस बीजेपी के गुंडों के साथ मिलकर लैपटॉप, प्रिंटर, कागजात, टेबल, कुर्सियां और दूसरे फर्नीचर से भरे बक्से ले जा रही है। यह तोड़-फोड़ नहीं थी बल्कि यह वर्दी में चोरी थी। जिसे कानून का कोई सम्मान किए बिना और हाई कोर्ट में मामला विचाराधीन होने के बावजूद अंजाम दिया गया। अभिषेक के ऑफिस में कार्रवाई की 3 तस्वीरें… अभिषेक बनर्जी का पलटवार, 6 बातें; कहा- ये भाजपा का बुलडोजर मॉडल प्रशासन बोला- दो नोटिस का जवाब नहीं मिला, फिर कार्रवाई प्रशासन के अनुसार, इस ऑफिस के खिलाफ अवैध निर्माण की शिकायतें मिली थीं। इसके बाद 15 जुलाई को संबंधित लोगों को नोटिस जारी कर सुनवाई के लिए बुलाया गया था। अधिकारियों ने बताया कि दो नोटिसों का कोई जवाब नहीं मिलने के बाद प्रशासन ने आगे की कार्रवाई का फैसला लिया। नोटिस के मुताबिक, जिस जमीन पर यह ऑफिस बना है, वह कथित तौर पर 'लीप्स एंड बाउंड्स' नाम की कंपनी के नाम पर खरीदी गई थी। प्रशासन ने जमीन के मालिकाना हक और निर्माण से जुड़े दस्तावेजों पर स्पष्टीकरण मांगा था। फिलहाल मामला कानूनी प्रक्रिया के तहत चल रहा है। अमतला ऑफिस- अभिषेक का पॉवर सेंटर, हार के बाद से बंद… ----------------------------- ये खबर भी पढ़ें… ममता बोलीं- भाजपा चाहती थी मुझे हार्ट अटैक आ जाए: मैं तब तक जिंदा रहूंगी, जब तक उनका अंत न हो जाए ममता बनर्जी ने कहा कि भाजपा चाहती थी मुझे हार्ट अटैक आ जाए, लेकिन मैं तब तक जिंदा रहूंगी जब तक उनका अंत न हो जाए। पश्चिम बंगाल की पूर्व सीएम ममता ने बुधवार को एक वीडियो मैसेज जारी किया। उन्होंने इस मैसेज में तृणमूल में जारी फूट पर भी अपना पक्ष रखा। ममता ने कहा- जो लोग जाना चाहते हैं, वे जा सकते हैं। पूरी खबर पढ़ें…

भारतीय शेयर बाजार में पिछले हफ्ते रही तेजी के कारण देश की टॉप-10 सबसे मूल्यवान कंपनियों में से 5 के मार्केट वैल्यूएशन यानी मार्केट कैप में संयुक्त रूप से 1.54 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है। इस तेजी में IT सेक्टर की कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज यानी TCS टॉप गेनर रही। पिछले कारोबारी हफ्ते में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज यानी BSE का बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स 582.06 अंक यानी 0.75% की बढ़त के साथ बंद हुआ। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज यानी NSE का निफ्टी 127.4 अंक यानी 0.52% मजबूत हुआ। TCS की वैल्यू 72,072.3 करोड़ रुपए बढ़ी TCS का वैल्यूएशन 72,072.3 करोड़ रुपए बढ़कर 8,20,672.70 करोड़ रुपए पर पहुंच गया। TCS के अलावा जिन चार अन्य कंपनियों को फायदा हुआ है, उनमें रिलायंस इंडस्ट्रीज, ICICI बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) और बजाज फाइनेंस शामिल हैं। 5 कंपनियों को नुकसान; LT और LIC का वैल्यूएशन सबसे ज्यादा घटा बाजार में तेजी के बावजूद टॉप-10 की बाकी 5 कंपनियों को नुकसान उठाना पड़ा। लार्सन एंड टुब्रो (LT) को सबसे ज्यादा घाटा हुआ। मार्केट एक्सपर्ट बोले- ग्लोबल अनिश्चितता के बीच घरेलू मजबूत फंडामेंटल्स से मिला सपोर्ट रेलीगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड के रिसर्च एसवीपी (SVP) अजीत मिश्रा के मुताबिक, "ग्लोबल मार्केट में ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और जियो पॉलिटिकल टेंशन के बावजूद भारतीय शेयर बाजार रिकवरी करने में कामयाब रहा और हफ्ते के आखिरी दिनों में मजबूती के साथ बंद हुआ। उन्होंने बताया कि आईटी सेक्टर में TCS के शानदार तिमाही नतीजों (Q1 FY27) और बैंकिंग व फाइनेंशियल शेयरों में दोबारा लौटी खरीदारी ने बाजार को सहारा दिया। इसके अलावा भारत के मजबूत आर्थिक आंकड़े भी बाजार को मजबूती दे रहे हैं।

न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी ने कहा है कि वे सितंबर में संयुक्त राष्ट्र महासभा के लिए शहर आने वाले इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की गिरफ्तारी की कानूनी संभावना पर विचार कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस मामले में शहर के विधि विभाग के साथ बातचीत चल रही है। ममदानी ने कहा कि वे वही करेंगे, जिसकी कानून इजाजत देगा। उन्होंने दोहराया कि उनके मुताबिक नेतन्याहू का स्थान द हेग में है, जहां अंतरराष्ट्रीय अपराधों के आरोपियों पर मुकदमा चलता है। अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय (ICC) ने नवंबर 2024 में गाजा में कथित युद्ध अपराध और मानवता के खिलाफ अपराधों के आरोपों में नेतन्याहू के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। ममदानी ने न्यूयॉर्क टाइम्स के पॉडकास्ट द इंटरव्यू में कहा कि नेतन्याहू युद्ध अपराधों के आरोपी हैं और कई लोग यही मानते हैं। संयुक्त राष्ट्र में इजराइल के राजदूत डैनी डैनन ने ममदानी पर यहूदी विरोधी माहौल को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ममदानी बढ़ते यहूदी विरोध का सामना करने के बजाय इजराइल के खिलाफ माहौल बना रहे हैं। डैनन ने पुष्टि की कि नेतन्याहू 22 से 28 सितंबर के बीच होने वाले संयुक्त राष्ट्र महासभा के हाई-लेवल वीक में संबोधन करेंगे। उन्होंने कहा कि मेयर का रुख इससे कोई फर्क नहीं डालेगा। उन्होंने X पर लिखा कि अगर किसी को गिरफ्तार किया जाना चाहिए तो वह न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी हैं। हाल ही में एक रेडियो इंटरव्यू में नेतन्याहू ने कहा था कि उन्हें ममदानी की गिरफ्तारी संबंधी धमकियों की कोई चिंता नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि न्यूयॉर्क के मेयर हमास का समर्थन करते हैं और अमेरिका से नफरत करते हैं। अमेरिका और इजराइल, दोनों ICC के सदस्य नहीं हैं। अमेरिकी संघीय कानून राज्य और स्थानीय प्रशासन को ICC के अनुरोधों पर सहयोग करने से रोकता है। पिछले साल न्यूयॉर्क की गवर्नर कैथी होचुल भी कह चुकी हैं कि मेयर के पास नेतन्याहू को गिरफ्तार करने का अधिकार नहीं है। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… कनाडा के जंगलों में आग से टोरंटो, न्यूयॉर्क और वॉशिंगटन की हवा दुनिया में सबसे खराब कनाडा में जंगलों में लगी भीषण आग का धुआं अमेरिका तक पहुंच गया है। शनिवार को टोरंटो, न्यूयॉर्क और वॉशिंगटन DC दुनिया के सबसे प्रदूषित शहरों में शामिल रहे। खराब एयर क्वालिटी को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने लोगों को बाहर कम निकलने और सावधानी बरतने की सलाह दी है। कनाडा में इस समय 955 जगहों पर जंगलों में आग लगी हुई है। इनमें से करीब 200 आग केवल ओंटारियो प्रांत में हैं। कई जगह आग अब भी नियंत्रण से बाहर है। अमेरिका के मिनेसोटा राज्य की उत्तरी सीमा पर भी एक दर्जन से ज्यादा जंगलों में आग लगी है। ये 73 हजार एकड़ से ज्यादा क्षेत्र में फैली है। अधिकारियों ने इसे अभूतपूर्व स्थिति बताते हुए आपातकाल घोषित किया है। अमेरिका के नेशनल इंटरएजेंसी फायर सेंटर और नेचुरल रिसोर्सेज कनाडा के अनुसार, जून के आखिर में लगातार गर्म मौसम और सामान्य से कम बारिश के कारण आग तेजी से फैली। सैटेलाइट तस्वीरों में दिखा कि हवा धुएं को ओंटारियो से टोरंटो, न्यूयॉर्क राज्य और बोस्टन तक ले गई। एयर क्वालिटी मॉनिटर करने वाली संस्था IQAir के अनुसार शनिवार को टोरंटो, न्यूयॉर्क और वॉशिंगटन DC दुनिया के सबसे प्रदूषित शहर रहे। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शुक्रवार को कनाडा पर जंगलों की आग रोकने में लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि धुएं से अमेरिका को भारी नुकसान हो रहा है और इसकी भरपाई के लिए कनाडा पर नए टैरिफ लगाने पर विचार किया जा सकता है। ओंटारियो के प्रीमियर डग फोर्ड ने अमेरिकी नेताओं की आलोचना को गलत बताया। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि पिछले साल कैलिफोर्निया में लगी आग बुझाने में टोरंटो ने अमेरिका की मदद की थी। विशेषज्ञों का कहना है कि जंगलों की आग के धुएं के लिए सिर्फ कनाडा को जिम्मेदार ठहराना सही नहीं है। यूनिवर्सिटी ऑफ टोरंटो के विशेषज्ञ पैट्रिक जेम्स के मुताबिक, धुआं सीमाएं नहीं मानता। हवा उसे जहां ले जाती है, वह वहीं पहुंच जाता है। पहले भी अमेरिका में लगी बड़ी आग का धुआं कनाडा तक पहुंच चुका है। ताइवानी राष्ट्रपति बोले- लोकतांत्रिक ताइवान को कभी 'चीन का ताइवान' नहीं बनने देंगे ताइवान के राष्ट्रपति लाई चिंग-ते ने रविवार को कहा कि देश को अपनी लोकतांत्रिक व्यवस्था की रक्षा के लिए एकजुट रहना होगा और किसी भी कीमत पर 'लोकतांत्रिक ताइवान' को 'चीन का ताइवान' नहीं बनने देना चाहिए। उन्होंने अपनी डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी (DPP) के नेताओं और कार्यकर्ताओं से बीजिंग के "रेड टेरर" का मिलकर मुकाबला करने की अपील की। DPP के वार्षिक सम्मेलन को संबोधित करते हुए लाइ ने कहा कि शांति के समय भी ताइवान को सतर्क रहने की जरूरत है। लाइ ने कहा कि चीन का नया 'एथनिक यूनिटी लॉ' बीजिंग को अपनी सीमाओं के बाहर रहने वाले लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई का आधार देता है। ताइवान को आशंका है कि इस कानून का इस्तेमाल उन ताइवानी नागरिकों के खिलाफ किया जा सकता है, जिन्हें चीन अलगाववादी मानता है। हालांकि, चीन इस कानून को लेकर की गई सभी आलोचनाओं को पहले ही खारिज कर चुका है। ताइवान का कहना है कि चीन की कानूनी व्यवस्था का उसके क्षेत्र पर कोई अधिकार नहीं है। ताइवानी (होक्कियन) भाषा में भाषण देते हुए लाइ ने पार्टी नेताओं से कहा कि वे सबसे आगे रहकर समाज पर चीन के "रेड टेरर" के खतरे का मुकाबला करें। उन्होंने कहा, "हमें अपनी लोकतांत्रिक और स्वतंत्र जीवनशैली की रक्षा के लिए साथ मिलकर काम करना होगा। किसी भी हालत में लोकतांत्रिक ताइवान को फिर से चीन का ताइवान नहीं बनने देंगे।" लाइ ने एक बार फिर कहा कि ताइवान पहले से ही एक स्वतंत्र देश है, जिसका संवैधानिक नाम 'रिपब्लिक ऑफ चाइना' है। उन्होंने कहा कि यह 'पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना' के अधीन नहीं है। लाइ ने कहा कि पिछले एक दशक में DPP सरकार ने चीन के बढ़ते दबाव, दुष्प्रचार, सैन्य धमकियों और कूटनीतिक दबाव के सामने कभी पीछे हटने का रास्ता नहीं चुना।

मानूसन सत्र से एक दिन पहले रविवार को संसद भवन के एनेक्सी बिल्डिंग में सर्वदलीय बैठक हुई। 3 घंटे चली मीटिंग की अध्यक्षता राजनाथ सिंह ने की। मीटिंग में कांग्रेस, सपा, टीएमसी, DMK सहित 40 दलों के नेता शामिल हुए। हालांकि बैठक के बीच विपक्ष ने सांकेतिक वॉकआउट किया। विपक्ष का आरोप है कि सरकार ने TMC के बागी 20 सांसदों के गुट को बैठक में क्यों बुलाया, जबकि स्पीकर ओम बिरला ने उनके गुट को अभी तक मान्यता नहीं दी है। उधर संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने बैठक के बाद कहा कि, मीटिंग में अच्छी चर्चा हुई। सबने अपनी बात रखी। सदन बिना रुकावट चले, यह हम सभी की जिम्मेदारी है। संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होकर 13 अगस्त तक चलेगा। इस दौरान 19 बैठकें होंगी। सोमवार को अमित शाह राज्यसभा में वंदे मातरम से जुड़ा बिल पेश करेंगे। सर्वदलीय बैठक में विपक्ष के सवाल; महुआ बोलीं- बागी सांसदों यहां क्यों NCPI के 20 सांसदों को बैठक में बुलाने पर रिजिजू बोले- सदन सबका एक दिन पहले स्पीकर ने TMC के बागी गुट को अलग बैठने की अनुमति दी ममता बनर्जी का साथ छोड़ने वाले TMC के 20 बागी सांसदों को शनिवार को लोकसभा में अलग बैठने की मंजूरी मिल गई। 15 जून को तृणमूल कांग्रेस के 20 सांसदों ने नेशनलिस्ट सिटीजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) से विलय कर लिया था। हालांकि विपक्ष का कहना है कि इस गुट को स्पीकर ने अभी मान्यता नहीं दी है। उधर लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने उद्धव गुट के 6 बागी सांसदों को मंजूरी दे दी है। 22 जून को उद्धव का साथ छोड़कर 6 सांसद शिंदे गुट में शामिल हो गए थे। ये सांसद भी अब शिंदे गुट के साथ संसद में बैठेंगे। 22 जून: उद्धव के 6 सांसद शिंदे की शिवसेना में शामिल महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे की शिवसेना में 22 जून को फिर बगावत हुई थी। लोकसभा के कुल 9 में से 6 सांसद पार्टी से अलग होकर डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल हो गए थे। लोकसभा में अब शिंदे के सांसदों की संख्या 7 से बढ़कर 13 हो गई है। शिंदे के साथ सभी 6 सांसदों ने मुंबई में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसका ऐलान किया था। डिप्टी सीएम ने कहा, ‘जब 2022 में हमने पार्टी और धनुष-बाण बचाने के लिए विद्रोह किया था, तब 40 विधायक थे और अब हमने छक्का लगाया है।' 8 जून: टीएमसी से अलग हुए 20 सांसदों का एनडीए को समर्थन देने का ऐलान 8 जून को टीएमसी के लोकसभा के 28 सांसदों में से 20 ने एनडीए सरकार को समर्थन देने का फैसला किया था। सांसद और TMC की पूर्व नेता काकोली घोष दस्तीदार ने कहा था कि सांसदों के साइन वाला पत्र लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को भेज दिया था। बागी सांसदों ने नेशनलिस्ट सिटीजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में विलय कर लिया था। NCPI बंगाल में रजिस्टर्ड पार्टी है। त्रिपुरा से चुनावी शुरुआत की थी। 2023 में त्रिपुरा विधानसभा चुनाव में चार उम्मीदवार उतारे थे। चारों हार गए थे। दोनों गुट NDA के साथ, मोदी सरकार का संख्या बल बढ़ा TMC और उद्धव गुट के बागी सांसदों को मंजूरी मिलने से मोदी सरकार को फायदा मिलेगा। मोदी सरकार संसद में दो तिहाई बहुमत के और करीब आ जाएगी, जो संविधान संशोधन विधेयक पास करने के लिए अहम है। सरकार महिला आरक्षण कानून लागू करने और परिसीमन विधेयक के जरिए संसद और राज्य विधानसभाओं की संख्या बढ़ाने वाले संविधान संशोधन विधेयक पास कराने के लिए जरूरी संख्या जुटानी की कोशिश कर रही है। अप्रैल में राज्यसभा के विशेष सत्र में सरकार की यह कोशिशें नाकाम हो गई थीं। इसके बाद से विपक्ष की चार पार्टियों के 37 लोकसभा और राज्यसभा सांसद सत्ता पक्ष में शामिल हो चुके हैं। अप्रैल के मुकाबले दोनों सदनों में सरकार का समर्थन बढ़ा है, लेकिन दो-तिहाई बहुमत से अब भी पीछे है… लोकसभा: दो-तिहाई आंकड़े से 42 वोट पीछे राज्यसभा: दो-तिहाई बहुमत से 11 वोट पीछे --------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… NDA का मिशन 360, अब DMK-NCP-सपा में सेंध की तैयारी:लोकसभा में दो-तिहाई का आंकड़ा पाने अब 41 सांसदों की जरूरत भाजपा के शीर्ष रणनीतिकार सियासी तस्वीर बदलने के लिए ‘मिशन 360’ में जुटे हैं। 17 अप्रैल को महिला आरक्षण व परिसीमन से जुड़े बिल पर लोकसभा में झटका लगने के बाद ही भाजपा ने संसद में दो-तिहाई बहुमत जुटाने की रणनीति तेज कर दी थी। पूरी खबर पढ़ें…


ग्वालियर में सीनियर चार्टर्ड अकाउंटेंट अशोक विजयवर्गीय से यूएसडीटी (USDT) में निवेश के नाम पर 21.06 करोड़ रुपए की ठगी के मामले में साइबर पुलिस की नजर अब उन दो हजार बैंक खातों पर है, जिनमें ट्रांजेक्शन हुए हैं। ये सभी म्यूल अकाउंट हैं, जिन्हें किराए पर लिया गया था। हर ट्रांजेक्शन पर ठगी गई रकम का 8 प्रतिशत कमीशन एजेंट को देने के बाद राशि दूसरे खातों में ट्रांसफर कर दी जाती थी। यह म्यूल अकाउंट्स की ऐसी चेन है, जिसके एक सिरे तक तो पुलिस पहुंच जाती है, लेकिन दूसरे छोर तक नहीं पहुंच पा रही है। राज्य साइबर सेल, ग्वालियर जोन की टीम देश के 10 से अधिक राज्यों में डेरा डाले हुए है। साइबर पुलिस इस मामले में जल्द बड़ा खुलासा कर सकती है। जिन खातों में लाखों रुपए ट्रांसफर हुए हैं, फिलहाल टीम की नजर उन्हीं पर है। शहर के प्रतिष्ठित 70 वर्षीय सीनियर चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) अशोक विजयवर्गीय से हुई 21 करोड़ 6 लाख रुपए की ठगी ने देश के साइबर इन्वेस्टिगेशन सिस्टम को झकझोर दिया है। राज्य साइबर सेल, ग्वालियर जोन की शुरुआती तकनीकी जांच में सामने आया है कि ठगों ने इस वारदात में दो हजार से अधिक म्यूल खातों में रकम का ट्रांजेक्शन किया। यही खाते अब साइबर सेल के रडार पर हैं। हालांकि, ट्रांजेक्शन देश के लगभग हर राज्य में हुए हैं। ऐसे में आरोपियों तक पहुंचना किसी समुद्र में सुई खोजने जैसा है। फिलहाल दिल्ली, कोलकाता, मुंबई, हरियाणा, मध्यप्रदेश, बिहार और उत्तर प्रदेश समेत 10 राज्यों में साइबर पुलिस की टीमें आरोपियों की घेराबंदी में जुटी हैं। देश के हर कोने में हुआ ट्रांजेक्शन साइबर एक्सपर्ट्स के मुताबिक, ठगों ने 21 करोड़ रुपए की रकम को खपाने के लिए देशभर के बैंकों का इस्तेमाल किया। चेन्नई से लेकर कश्मीर तक और गुजरात से लेकर कोलकाता तक हजारों बैंक खातों में हजारों ट्रांजेक्शन किए गए। फिलहाल साइबर टीम की नजर उन बड़े बैंक खातों पर है, जिनमें सबसे अधिक रकम ट्रांसफर की गई। ठगों का 'फोर-लेयर' चक्रव्यूह: ऐसे खपाई गई ठगी की रकम सायबर एक्सपर्ट्स और जांच अधिकारियों के अनुसार, ठगों ने इस पूरी राशि को पुलिस की पकड़ से दूर रखने के लिए एक जटिल 'फोर-लेयर' (चार स्तरीय) बैंकिंग नेटवर्क का इस्तेमाल किया। इंटरनेशनल रैकेट के सुराग, विदेशी नंबरों की जांच शिकायत के मुताबिक, रोशनी घर रोड निवासी पीड़ित सीनियर सीए अशोक विजयवर्गीय से ठगी के लिए भारतीय नंबरों (+91-8151931249 व +91-7092164831) के अलावा एक विदेशी नंबर +1 (516) 713-7291 का भी उपयोग किया गया है, जो किसी अमेरिकी या कनाडाई वर्चुअल नंबर प्लेटफॉर्म से संचालित हो रहा था। ठगों ने फेडरल बैंक, आईसीआईसीआई, केनरा बैंक और यस बैंक जैसी प्रमुख संस्थाओं के कॉपोरेट व करंट खातों का इस्तेमाल लेयरिंग के लिए किया है। ऐसे समझिए पूरा मामला राज्य साइबर सेल को दी गई आधिकारिक शिकायत के अनुसार, रोशनी घर रोड निवासी सीनियर सीए व चेंबर चुनाव के मुख्य निर्वाचन अधिकारी 70 वर्षीय अशोक विजयवर्गीय के साथ ठगी की शुरुआत दिसंबर 2025 में हुई थी। अशोक के मोबाइल पर एक अनजान भारतीय नंबर (+91-8151931249) से मैसेज आया। मैसेज करने वाली महिला ने खुद का नाम 'दिव्या सिंह' बताया और खुद को एक बड़ी निवेश सलाहकार के रूप में परिचय दिया। दिव्या ने दावा किया कि यदि वे यूएसडीटी (USDT) क्रिप्टो ट्रेडिंग में पैसा लगाते हैं, तो उन्हें उम्मीद से कई गुना ज्यादा मुनाफा होगा। इसके बाद बातचीत दूसरे नंबरों और फिर एक विदेशी नंबर (+1 (516) 713-7291) के जरिए होने लगी। ठगों ने अशोक को झांसा देकर एक फर्जी ट्रेडिंग पोर्टल के लिंक पर उनका रजिस्ट्रेशन करवा दिया। पहले कुछ लाख रुपए लगाए और मुनाफा हुआ। कैश निकाला भी गया। इसके बाद वह और उनके क्लाइंट पैसा लगाते चले गए। जुलाई 2026 में जब पोर्टल पर पीड़ित का कुल मुनाफा 33.25 करोड़ रुपए दिखाई देने लगा। जब निकालना चाहा तो ठगों ने 10 करोड़ रुपए की मांग की। इसके बाद सीए को ठगी का अहसास हो गया था। मामले की शिकायत साइबर सेल पहुंची और मामला दर्ज किया गया। इंस्पेक्टर मुकेश नारौलिया राज्य साइबर सेल ने बताया- "क्रिप्टो करेंसी (USDT) ट्रेडिंग के नाम पर वरिष्ठ सीए अशोक विजयवर्गीय से 21 करोड़ 6 लाख रुपए की देश की बड़ी ठगियों में से एक वारदात हुई है। इस राशि को देश भर के हजारों खातों में 4 लेयर के तहत ट्रांसफर किया गया है। हमारी तकनीकी टीम इन अकाउंट की डिटेल जुटाकर रैकेट के सदस्यों के पीछे लगी हुई है।

भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु ने जापान ओपन सुपर-750 बैडमिंटन टूर्नामेंट जीत लिया है। वे यह टूर्नामेंट जीतने वाली पहली भारतीय बनी हैं। 31 साल की सिंधु ने रविवार को खेले गए फाइनल मुकाबले में जापान की अकाने यामागुची को 21-17, 21-17 से हराया। यह मैच 50 मिनट तक चला। सिंधु 4 साल बाद यामागुची को किसी फुल मैच में हरा सकी हैं। उन्हें पिछली जीत थाईलैंड ओपन में 2022 में मिली थी। पिछले साल मलेशिया ओपन में यामागुची रिटायर हर्ट हो गई थीं। 2019 के बाद पहला बड़ा खिताब जीतीं आगे जानिए क्या है सुपर-750 बैडमिंटन टूर्नामेंट… सेमीफाइनल में चेन यू फेई चोटिल होकर बाहर हुईं सेमीफाइनल में चीन की चेन यू फेई हैम्स्ट्रिंग चोट के कारण रिटायर्ड हर्ट हो गईं। उस समय सिंधु 21-19, 15-10 से आगे थीं। इससे पहले सिंधु ने जापान की पूर्व वर्ल्ड चैंपियन नोजोमी ओकुहारा चोट के कारण नहीं उतरीं, जिससे सिंधु को वॉकओवर मिला। इससे पहले दूसरे दौर में सिंधु ने चीन की हान यू को 35 मिनट में 21-16, 21-14 से हराकर क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया। -------------------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़िए… कॉमनवेल्थ गेम्स में चानू और लवलीना होंगी भारत की ध्वजवाहक, IOA ने ऐलान किया ओलंपिक मेडलिस्ट मीराबाई चानू और लवलीना बोरगोहेन ग्लासगो में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स के उद्घाटन समारोह में भारत की ध्वजवाहक होंगी। भारतीय ओलंपिक संघ ने शनिवार को इसकी घोषणा की। इस मल्टी-स्पोर्ट इवेंट का उद्घाटन समारोह 23 जुलाई को आयोजित किया जाएगा। पढ़ें पूरी खबर


दुनिया के सबसे बड़े स्पोर्ट्स इवेंट फुटबॉल वर्ल्ड कप का फाइनल मैच आज रात 12:30 बजे से खेला जाएगा। इसमें अर्जेंटीना और स्पेन की टीमें वर्ल्ड चैंपियन के ट्रैग के लिए आमने-सामने होंगी। लियोनेल मेसी की टीम लगातार दूसरा खिताब जीतना होगी, जबकि लामिल यमाल की टीम को दूसरे टाइटल की तलाश है। फाइनल का क्रेज भारत में भी देखने को मिल रहा है। सबसे ज्यादा दीवानगी कोलकाता में है। यहां स्पोर्ट्स बार, मल्टीप्लेक्स, क्लब और मोहल्लों के मैदानों पर बड़ी स्क्रीन लग चुकी है। जुनून इस हद तक है कि स्कूलों ने 20-21 जुलाई की परीक्षाएं स्थगित कर दी हैं। बेंगलुरु पुलिस और असम सरकार ने होटल, रेस्तरां और क्लबों को सुबह 3:30 बजे तक खुला रखने की अनुमति दी है। प्रसेनजीत- अर्जेंटीना के सबसे ज्यादा फैंस कोलकाता में हैं मोहन बागान क्लब के सदस्य प्रसेनजीत सरकार ने बताया, ‘बंगाल में कोई कहे कि उसे फुटबॉल पसंद नहीं है, तो उसके बंगाली होने पर ही सवाल उठ सकता है। कोलकाता में अर्जेंटीना के समर्थक सबसे ज्यादा हैं। अर्जेंटीना जीता तो जश्न वैसा ही होगा, जैसा भारत के क्रिकेट वर्ल्ड कप जीतने पर होता है।’ गुवाहाटी के फाइव स्टार होटल्स में वर्ल्डकप थीम पर डिश गुवाहाटी के एलीट क्लब्स और फाइव-स्टार होटल्स के ‘वर्ल्ड कप थीम’ में ‘मेसी किक बर्गर’ और ‘स्पेनिश ट्रॉफी मॉकटेल’ जैसे व्यंजन शामिल हैं। कई नामचीन पब्स और लाउंज ने ‘जर्सी ड्रेस कोड’ अनिवार्य किया है। रेस्तरां के फर्श पर आर्टिफिशियल टर्फ बिछाई है। स्टाफ भी हाथों में व्हिसल और जर्सी पहनकर सर्व कर रहे हैं। रात में फैंस के झगड़े नहीं हों, इसलिए पुलिस की तैनाती कोच्चि के ईगल एफसी फुटबॉल क्लब ने बड़ी स्क्रीन पर लाइव स्ट्रीमिंग के लिए टिकट की कीमत 90 से 500 रुपए रखी है। फाइनल मैच की बुकिंग पूरी हो चुकी है। जीत के बाद फैंस झगड़ न पड़ें, इसलिए भारी पुलिस बल भी तैनात रहेगा। कई स्कूलों ने सोमवार को छुट्टी की घोषणा कर दी है। केरल के स्कूलों में छुट्टी घोषित की गई केरल के सामान्य शिक्षा विभाग ने सोमवार (20 जुलाई) को अपने अधीन आने वाले सभी स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया है। यह फैसला उन छात्रों की मांग पर लिया गया, जो देर रात होने वाले फाइनल मुकाबले को देखना चाहते थे। सामान्य शिक्षा मंत्री एन. समसुद्दीन ने सोशल मीडिया पर छुट्टी की घोषणा करते हुए लिखा, 'अब खुश हो बच्चे?' उन्होंने कहा कि छात्रों के अनुरोध को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। -------------------------------------------------- फुटबॉल वर्ल्ड कप से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… फुटबॉल वर्ल्ड कप का फाइनल आज, टूर्नामेंट में 60 साल बाद भिड़ेंगे स्पेन और अर्जेंटीना फीफा वर्ल्ड कप का फाइनल मुकाबला आज स्पेन और अर्जेंटीना के बीच होगा। टूर्नामेंट में दोनों टीमें 60 साल बाद आमने-सामने हो रही हैं। न्यूयॉर्क के न्यू जर्सी स्टेडियम में रात 12:30 बजे से मुकाबला खेला जाएगा। पढ़ें पूरी खबर

अमेरिकी इंफ्लूएंसर एलिक्स अर्ले को टाइम मैग्जीन ने 2026 के 100 सबसे प्रभावशाली डिजिटल कंटेंट क्रिएटर की सूची में शीर्ष पर रखा है। अर्ले ने एक प्रोडक्ट भी लॉन्च किया है। अब नेटफ्लिक्स उन पर रियलिटी सीरीज बनाएगा। आज सोशल मीडिया पर लाखों लोग अपनी जिंदगी साझा करते हैं, लेकिन अमेरिकी कंटेंट क्रिएटर एलिक्स अर्ले ने इसी आदत को अपना सबसे बड़ा बिजनेस मॉडल बना दिया। टिकटॉक पर करीब 85 लाख फॉलोअर्स वाली 25 वर्षीय अर्ले का मानना है कि लोग अब भी उन्हें ठीक से नहीं समझते। उनके मुताबिक सबसे बड़ी गलतफहमी यह है कि लोगों को लगता है उन्हें सफलता आसानी से मिल गई। दूसरी धारणा यह है कि वह केवल किसी और के बिजनेस का चेहरा हैं, जबकि वह अपने फैसले खुद लेने वाली उद्यमी हैं। अर्ले कहती हैं, ‘लोग मुझे कम आंकते हैं या सोचते हैं कि मैं नासमझ हूं।’ इंटरनेट पर बेहद आत्मविश्वासी और प्रभावशाली दिखने वाली अर्ले वास्तविक जीवन में काफी शांत स्वभाव की हैं। उनका कहना है कि उनसे पहली बार मिलने वाले कई लोग कहते हैं कि वे तस्वीरों और वीडियो जैसी नहीं दिखतीं। एक समय उन्हें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का समर्थक भी माना गया। इस पर अर्ले ने साफ किया कि कॉलेज के दिनों में उनके विचार अलग थे, लेकिन अब वे खुद को ट्रम्प समर्थक नहीं मानतीं। अर्ले की सबसे बड़ी ताकत उनकी साफगोई मानी जाती है। उन्होंने कभी अपनी जिंदगी को परफेक्ट दिखाने की कोशिश नहीं की। उन्होंने पारिवारिक परेशानियों, प्रेम संबंधों, मानसिक उतार-चढ़ाव और मुंहासों जैसी निजी समस्याओं तक को सोशल मीडिया पर खुलकर साझा किया। यही ईमानदारी उनके फॉलोअर्स को उनसे जोड़ती है। उनकी लोकप्रियता को देखते हुए नेटफ्लिक्स उन पर आधारित रियलिटी सीरीज ‘अर्ले मीट्स वर्ल्ड’ लेकर आ रहा है। मियामी यूनिवर्सिटी से मार्केटिंग की पढ़ाई करने वाली अर्ले दो बार हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में भी व्याख्यान दे चुकी हैं। उन्होंने अमेजन, कार्ल्स जूनियर और प्रीबायोटिक ड्रिंक पॉपी सहित कई बड़े ब्रांड्स के साथ काम किया है। अर्ले का सोशल मीडिया सफर भी संघर्ष से भरा रहा। न्यू जर्सी में पली-बढ़ी अर्ले ने कॉलेज के दौरान टिकटॉक पर डांस, शॉपिंग और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े वीडियो पोस्ट किए, लेकिन खास पहचान नहीं मिली। 2022 में उन्होंने अपने मुंहासों (एक्ने) से जुड़ी परेशानी और बिना मेकअप वाली तस्वीरें साझा कीं। यह वीडियो वायरल हो गई और लाखों लोगों ने उनकी ईमानदारी की सराहना की।
