Mediapramukh.com
राज्य

मेट्रो के लिए जमीन के अंदर 260 मीटर सुरंग बनाई:दोनों टीबीएम एकसाथ चल रही; भोपाल रेलवे स्टेशन-नादरा बस स्टैंड के नीचे से गुजरेगी

AdminAugust 10, 2026
मेट्रो के लिए जमीन के अंदर 260 मीटर सुरंग बनाई:दोनों टीबीएम एकसाथ चल रही; भोपाल रेलवे स्टेशन-नादरा बस स्टैंड के नीचे से गुजरेगी
भोपाल मेट्रो के अंडरग्राउंड रूट पर काम कर रही दोनों टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) अब तक 260 मीटर सुरंग बना चुकी है। भोपाल रेलवे स्टेशन और नादरा बस स्टैंड के नीचे से अंडरग्राउंड रूट निकल रहा है। मेट्रो अफसरों की माने तो अगले डेढ़ से दो साल में अंडरग्राउंड रूट का काम पूरा कर लिया जाएगा। घनी आबादी वाले क्षेत्रों में बेहतर मेट्रो कनेक्टिविटी और सड़क यातायात का दबाव कम करने के उद्देश्य से भूमिगत कॉरिडोर का निर्माण किया जा रहा है। भूमिगत सुरंग का निर्माण दो चरण में किया जा रहा है। प्रथम चरण में दोनों टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) भोपाल रेलवे स्टेशन से ऐशबाग की ओर आगे बढ़ रही हैं। सुरंगें जमीन से करीब 60 फीट नीचे बनाई जा रही हैं। निर्माण कार्य में दोनों टीबीएम अब तक करीब 260 मीटर सुरंग का निर्माण कर चुकी है। पहली टीबीएम लगभग 160 मीटर और दूसरी करीब 100 मीटर सुरंग बना चुकी है। सुरंग निर्माण के दौरान टीबीएम मिट्टी को काटते हुए आगे बढ़ रही है और इसके साथ सुरंग के भीतर स्थायी प्री-कॉस्ट आरसीसी रिंग बना रही है। इससे भूमिगत सुरंग की संरचनात्मक स्थिरता सुनिश्चित करने में सहायता मिल रही है। लोगों की सुरक्षा सबसे पहले भूमिगत निर्माण में आमजन, भवनों एवं श्रमिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। सुरंग के ऊपर स्थित भवनों एवं अन्य संरचनाओं में संभावित कंपन (वाइब्रेशन) और जमीन के बैठने (सेटलमेंट) की निगरानी के लिए इंस्ट्रूमेंटेशन एवं मॉनिटरिंग सिस्टम का उपयोग किया जा रहा है। इससे किसी भी असामान्य बदलाव की समय रहते जानकारी प्राप्त कर आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई की जा सकती है। वहीं, मजदूरों की सुरक्षा के लिए फ्रेश एयर वेंटिलेशन सिस्टम और गैस मॉनिटरिंग सिस्टम लगाए गए हैं। सुरंग में गैस की नियमित जांच के साथ 24 घंटे सुरक्षा निगरानी की जा रही है। प्रदेश में पहली बार दो टनल मशीनें उतरीं जानकारी के अनुसार, प्रदेश में पहली बार इस प्रकार की दो टनल बोरिंग मशीनों का उपयोग किया जा रहा है। यह सुरंग ऐशबाग से सिंधी कॉलोनी के बीच निर्मित की जा रही है, जो भोपाल रेलवे स्टेशन एवं नादरा बस स्टैंड जैसे प्रमुख क्षेत्रों को जोड़ेगी। टीबीएम तकनीक को इस प्रकार डिजाइन किया गया है कि यह घनी आबादी वाले एवं संवेदनशील शहरी क्षेत्र के नीचे उच्च सटीकता और सुरक्षा के साथ कार्य कर सके। इनके प्रयासों से रफ्तार पकड़ रही मेट्रो मेट्रो प्रोजेक्ट को भोपाल नगर निगम, लोक निर्माण विभाग (PWD), रेलवे, पुलिस विभाग, स्थानीय प्रशासन, जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों का सहयोग मिल रहा है। सुभाषनगर से करोंद के बीच काम जारी भोपाल में एम्स से करोंद चौराहे तक ऑरेंज लाइन का काम चल रहा है। सुभाषनगर से एम्स के बीच 6 किमी लंबा प्रायोरिटी कॉरिडोर है। जहां पर मेट्रो चल रही है। इसी लाइन के सेकंड फेज यानी, सुभाषनगर से करोंद के बीच काम चल रहा है। यहां पर मेट्रो अंडरग्राउंड भी गुजरेगी। दो स्टेशन, 180 मीटर रहेगी लंबाई इस कॉरिडोर में भोपाल और नादरा, दो अंडरग्राउंड स्टेशन बनाए जा रहे हैं। जिनकी लंबाई करीब 180-180 मीटर होगी। टीबीएम से बनी सुरंग 3.39 किमी तक जाएगी। इसके बाद बड़ा बाग के पास नादरा स्टेशन के आगे 143 मीटर स्लोप के जरिए मेट्रो फिर जमीन के ऊपर आ जाएगी। अंडरग्राउंड स्टेशन के तीनों फ्लोर पर कहां, क्या होगा

Related News

Comments

No approved comments yet.